खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में गोढ़ी गांव में सहकारिता सप्ताह के तहत ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव का लाइव प्रदर्शन किया गया। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित गोढ़ी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रभर से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने ड्रोन तकनीक को करीब से देखा और इसके उपयोग की जानकारी ली।
कुछ मिनटों में बड़े रकबे में हुआ छिड़काव
डेमो के दौरान ड्रोन ने निर्धारित ऊंचाई से खेतों में दवा का समान रूप से छिड़काव किया। जिस काम में सामान्य तरीके से काफी समय लगता है, वह ड्रोन की मदद से कुछ ही मिनटों में पूरा होता देख किसान उत्साहित नजर आए। किसानों ने माना कि इससे श्रम, समय और दवा तीनों की बचत होगी। कार्यक्रम में मार्कफेड अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप, सहकार भारती के वरिष्ठ सदस्य लक्ष्मीकांत द्विवेदी तथा सहकारिता विभाग रायपुर के उप पंजीयक एवं सहायक पंजीयक मौजूद रहे। अतिथियों ने कहा कि ड्रोन तकनीक खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों को रसायनों के सीधे संपर्क से बचाने में उपयोगी साबित होगी।
किसानों को समझाई ड्रोन की कार्यप्रणाली
समिति अध्यक्ष दिलीप बैंस और सीएससी के सुरेंद्र कुमार दास ने किसानों को ड्रोन की कार्यप्रणाली, संचालन और इसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्रोन से दवा का सटीक और समान छिड़काव होता है, जिससे फसल को बेहतर सुरक्षा मिलती है और संसाधनों का भी बेहतर उपयोग होता है।
बड़ी संख्या में पहुंचे किसान
कार्यक्रम में क्षेत्र के किसान कुलेश्वर बैंस, हीरादास वैष्णव, केशो वर्मा, रामकुमार बैंस, दीनदयाल बैंस, बिरझू बैंस, केवल यादव, तोरण बैंस, लोकू धीवर, राजेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में कृषक मौजूद रहे। किसानों ने इस तकनीक को भविष्य की खेती के लिए उपयोगी बताते हुए ऐसे और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की मांग भी की।
'आधुनिक तकनीक किसानों तक पहुंचाना लक्ष्य'
समिति अध्यक्ष दिलीप बैंस ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों और उपकरणों की पहुंच बढ़ाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उनका उद्देश्य खेती को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और लाभकारी बनाना है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।