केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री Jyotiraditya Scindia ने अपने सिक्किम प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को राज्य के प्रसिद्ध टेमी टी गार्डन का दौरा किया। नामची स्थित यह चाय बागान सिक्किम का एकमात्र सरकारी चाय बागान माना जाता है, जो अपनी ऑर्गेनिक चाय और प्राकृतिक सुंदरता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। सिंधिया के आगमन पर स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने चाय बागान में कार्यरत श्रमिकों और कर्मचारियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने पारंपरिक बांस की टोकरी पहनकर खुद भी चाय की पत्तियां तोड़ीं और श्रमिकों के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। सिंधिया ने कहा कि चाय पत्ती तोड़ने का कार्य बेहद मेहनत और कौशल से जुड़ा है तथा वर्षों की साधना के बाद ही इसमें दक्षता आती है। उन्होंने श्रमिकों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की जमकर सराहना की।
नेपाली भाषा में संवाद से बना अपनत्व का माहौल
टेमी टी गार्डन में उस समय खास माहौल बन गया जब केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय लोगों और श्रमिकों से धाराप्रवाह नेपाली भाषा में बातचीत की। सिंधिया की नेपाली भाषा पर पकड़ देखकर लोग काफी प्रभावित हुए और पूरे परिसर में उत्साह और अपनत्व का वातावरण देखने को मिला। स्थानीय कर्मचारियों ने कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री को अपनी भाषा में बातचीत करते देख उन्हें विशेष सम्मान और गर्व की अनुभूति हुई।
सिंधिया ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संपदा देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने टेमी टी गार्डन को सिक्किम की सुंदर पहचान बताते हुए कहा कि यहां की ऑर्गेनिक चाय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन, कृषि और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
स्थानीय उत्पादों को 0बढ़ावा देने पर दिया जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं और सरकार स्थानीय किसानों, चाय उत्पादकों तथा हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि टेमी टी गार्डन आने वाले समय में वैश्विक पर्यटन और ऑर्गेनिक चाय उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकता है।

