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सरपंच क्रांति चंद्राकर
सरपंच क्रांति चंद्राकर
रायपुर

नियमों की अनदेखी पड़ी भारी :  उसना राइस मिल की एनओसी रद्द, ग्रामीणों के विरोध के बाद पंचायत का बड़ा फैसला

आरंग विकासखंड के ग्राम चटौद में नियमों की अनदेखी कर उसना राइस मिल स्थापित करने के मामले में पंचायत ने बड़ा कदम उठाते हुए पहले दी गई NOC को सर्वसम्मति से रद्द कर दिया। कंपनी पर अरवा राइस मिल की अनुमति लेकर उसना मिल का निर्माण करने का आरोप था, जिससे गांव के पास स्थित नया तालाब और घनी आबादी प्रभावित होने की आशंका थी।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
09 May 2026, 06:39 PM
आरंग

विकासखंड आरंग के अंतर्गत ग्राम पंचायत चटौद में नियमों की अनदेखी कर स्थापित की जा रही उसना राइस मिल के खिलाफ पंचायत प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उसकी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को सर्वसम्मति से रद्द कर दिया है। पंचायत के इस फैसले के बाद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों में लापरवाही बरतने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई है।

उसना मिल का निर्माण

जानकारी के अनुसार, शैलानिक रियल इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिसंबर माह में ग्राम पंचायत से केवल अरवा राइस मिल स्थापित करने की अनुमति ली गई थी। लेकिन बाद में संचालकों द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए मौके पर उसना राइस मिल का सेटअप तैयार किया जा रहा था।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह निर्माण गांव की घनी आबादी के बेहद करीब किया जा रहा था, साथ ही निस्तारी का मुख्य स्रोत “नया तालाब” भी मिल स्थल के पास ही स्थित है। ऐसे में जल प्रदूषण, दुर्गंध और संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता फैल गई थी।

बुलाई गई विशेष ग्राम सभा

लगातार बढ़ते विरोध और जनभावनाओं को देखते हुए सरपंच क्रांति चंद्राकर ने तत्काल विशेष ग्राम सभा की बैठक बुलाई। बैठक में ग्रामीणों की समस्याओं, संभावित पर्यावरणीय नुकसान और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के बाद पंचायत ने पहले दी गई एनओसी को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्णय लिया और गांव में उसना राइस मिल संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।

पंचायत के फैसले की हो रही सराहना

इस निर्णय के बाद ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यह कदम गांव के जल स्रोतों और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

इस मौके पर सरपंच क्रांति चंद्राकर, उपसरपंच तिलक राम वर्मा सहित पंच भागीरथी वर्मा, सहदेव डहरिया, रिया साहू, देव कुमार राजगोंड, मुकेश यादव, मधु उइके और दुलारी वर्मा की सक्रिय भूमिका की भी ग्रामीणों ने प्रशंसा की।

ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत का यह फैसला भविष्य में पर्यावरण संरक्षण और नियमों के पालन को लेकर एक मिसाल साबित होगा।

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