नारायणपुर जिले के घने जंगलों और अंदरूनी गांवों में अब एक नई तस्वीर उभरती दिखाई दे रही है। जहां कभी पुलिस और ग्रामीणों के बीच दूरी और संकोच महसूस किया जाता था, वहीं अब चौपाल सज रही है, अधिकारी ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद कर रहे हैं और युवाओं के साथ खेल मैदान में भी कदम से कदम मिलाकर नजर आ रहे हैं। नारायणपुर पुलिस का “माड़ मैत्री अभियान” अब सिर्फ एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भरोसे, संवाद और सहभागिता की मजबूत पहल बन चुका है। इसी क्रम में 15 मई 2026 को थाना सोनपुर क्षेत्र के ग्राम कदेर में माड़ मैत्री चौपाल का आयोजन किया गया, जिसने ग्रामीणों के बीच एक सकारात्मक संदेश पहुंचाया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा और थाना प्रभारी सोनपुर निरीक्षक कृष्णा साहू ग्रामीणों के बीच पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने गांव के लोगों के साथ जमीन पर बैठकर आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।
पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया के मार्गदर्शन में आयोजित इस चौपाल में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने खुलकर अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, सुरक्षा और रोजगार जैसी कई स्थानीय समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा, जिस पर अधिकारियों ने गंभीरता दिखाते हुए समाधान का भरोसा दिलाया।
सरल भाषा में दी गई कानून और योजनाओं की जानकारी
चौपाल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बेहद सहज और सरल भाषा में ग्रामीणों को उनके अधिकारों और शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। कानून व्यवस्था, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर भी ग्रामीणों को समझाया गया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भय या गलत जानकारी के प्रभाव में आने के बजाय सीधे पुलिस से संपर्क करें। इस संवाद का उद्देश्य यह था कि अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाले लोग शासन और प्रशासन से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करें और उनके मन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हो।
गांव के युवाओं को मिली “माड़ मित्र” की जिम्मेदारी
इस कार्यक्रम का सबसे अहम और आकर्षक हिस्सा रहा “माड़ मित्र” समूह का गठन। गांव के युवाओं को पुलिस और ग्रामीणों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई। ये माड़ मित्र गांव की गतिविधियों, समस्याओं और जरूरतों की जानकारी सीधे पुलिस तक पहुंचाएंगे। साथ ही गांव में जागरूकता फैलाने और सामाजिक समरसता बनाए रखने में भी भूमिका निभाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी भागीदारी से गांवों में सुरक्षा व्यवस्था और आपसी विश्वास दोनों मजबूत होंगे। ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे गांव और प्रशासन के बीच नई कड़ी बताया।मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मैच ने बदला माहौल
चौपाल समाप्त होने के बाद माहौल पूरी तरह उत्साह और अपनत्व से भर गया, जब पुलिस टीम, ग्रामीणों और माड़ मित्रों के बीच मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मैच खेला गया। मैदान में पुलिस अधिकारियों और गांव के युवाओं को एक साथ खेलते देखकर ग्रामीणों में अलग ही उत्साह नजर आया। बच्चों और महिलाओं ने भी मैच का आनंद लिया और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी बनाना चाहती है।

युवाओं को खेल सामग्री का वितरण
मैच के बाद पुलिस विभाग की ओर से गांव के युवाओं को वॉलीबॉल और नेट वितरित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं को नशे, हिंसा और भटकाव से दूर रखने का सबसे बेहतर माध्यम हैं। खेलों के जरिए युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित होती है। ग्रामीण युवाओं ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को नई दिशा मिलेगी।विग्रह से विश्वास की सोच को मिल रही मजबूती
कार्यक्रम के अंत में एएसपी श्री अक्षय साबद्रा और निरीक्षक श्री कृष्णा साहू ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि नारायणपुर पुलिस का उद्देश्य केवल सुरक्षा देना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ विश्वास का रिश्ता बनाना है। उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा ग्रामीणों की सहायता और सहयोग के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी। माड़ मैत्री चौपाल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब पुलिस संवेदनशीलता और संवाद के साथ आगे बढ़ती है, तब जंगलों और दूरस्थ इलाकों में भी भरोसे की नई रोशनी जल उठती है।

