राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 9 मई को जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में लंबित एवं राजीनामा योग्य मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
लोक अदालत को आम नागरिकों के लिए सरल, सुलभ और त्वरित न्याय का प्रभावी माध्यम माना जाता है, जिसमें पक्षकार स्वयं संवाद के जरिए विवादों का समाधान कर सकते हैं। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि आपसी संबंधों को भी पुनः स्थापित करने का अवसर मिलता है।
विभिन्न प्रकार के मामलों का होगा निपटारा
इस अवसर पर सिविल, आपराधिक, वैवाहिक, पारिवारिक, बैंकिंग, चेक अनादरण, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम, विद्युत सहित अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों का समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही मध्यस्थता केंद्र दुर्ग में भी विशेष प्रयास किए जाएंगे, जहां पक्षकार स्वयं समाधान का मार्ग तय करते हैं, जिससे विवादों का शांतिपूर्ण एवं स्थायी निपटारा संभव हो सके।
विशेष लोक अदालत की भी तैयारी
जानकारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में 21, 22 एवं 23 अगस्त को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के लिए चिन्हांकित मामलों में भी पक्षकारों को नोटिस जारी कर बुलाया गया है। इन मामलों में भी समझौते के माध्यम से समाधान का प्रयास किया जाएगा।
न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने की पहल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने आम नागरिकों, पक्षकारों और अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे नेशनल लोक अदालत और मध्यस्थता प्रक्रिया का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर न्याय को सरल एवं मानवीय बनाने में सहभागी बनें।
