📅 Friday, 15 May 2026 भारत
ब्रेकिंग
बदहाल व्यवस्था : स्वास्थ्य केंद्र पर फिर उठे सवाल, इलाज से ज्यादा अव्यवस्थाओं से जूझ रहे मरीज शराब भट्ठी का विरोध : पोंडी में शराब दुकान हटाने की मांग तेज, छात्रों ने NH-30 पर किया प्रदर्शन हाई-प्रोफाइल जाल : लेडी डॉक्टर बनकर आई मरीज़ ने बनाया अश्लील वीडियो, 5 लाख की रंगदारी मांगते ही पुलिस ने दबोचा जानकी होटल में अघोषित सैलून बार : पुलिस की बड़ी रेड में मैनेजर गिरफ्तार, शराब और कैश का जखीरा बरामद आसमान से बरसी आफत : आकाशीय बिजली गिरने से घर जल कर खाक, बाल-बाल बचा परिवार ससुराल में चोर दामाद : साढू संग करता था रेकी, पत्नियां खपाती थीं माल, 1600 CCTV ने खोला राज बदहाल व्यवस्था : स्वास्थ्य केंद्र पर फिर उठे सवाल, इलाज से ज्यादा अव्यवस्थाओं से जूझ रहे मरीज शराब भट्ठी का विरोध : पोंडी में शराब दुकान हटाने की मांग तेज, छात्रों ने NH-30 पर किया प्रदर्शन हाई-प्रोफाइल जाल : लेडी डॉक्टर बनकर आई मरीज़ ने बनाया अश्लील वीडियो, 5 लाख की रंगदारी मांगते ही पुलिस ने दबोचा जानकी होटल में अघोषित सैलून बार : पुलिस की बड़ी रेड में मैनेजर गिरफ्तार, शराब और कैश का जखीरा बरामद आसमान से बरसी आफत : आकाशीय बिजली गिरने से घर जल कर खाक, बाल-बाल बचा परिवार ससुराल में चोर दामाद : साढू संग करता था रेकी, पत्नियां खपाती थीं माल, 1600 CCTV ने खोला राज
W 𝕏 f 🔗
होम पर्यटन वाइल्डलाइफ का नया हब : 50 साल बाद लौटे काले हिरणो…
बारनवापारा में काला हिरण
वीडियो देखें
बारनवापारा में काला हिरण
पर्यटन ⭐ Featured

वाइल्डलाइफ का नया हब : 50 साल बाद लौटे काले हिरणों का कुनबा 200 के पार, बर्ड सर्वे 2026 में मिले कई दुर्लभ विदेशी मेहमान

छत्तीसगढ़ का बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य देश में वन्यजीव संरक्षण और रीवाइल्डिंग का सफल मॉडल बनकर उभरा है। 2018 में लाए गए 77 काले हिरणों की संख्या अब 200 से अधिक हो चुकी है, जिससे यह परियोजना राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। हाल ही में हुए “बर्ड सर्वे 2026” में 202 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई, जिनमें Bar-headed Goose और Peregrine Falcon जैसे दुर्लभ प्रवासी पक्षी शामिल हैं।

कीर्तिमान न्यूज
15 May 2026, 04:20 PM
📍 महासमुंद

छत्तीसगढ़ का 'ग्रीन हार्ट' कहे जाने वाले बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य ने वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। कभी शिकार और मानवीय दखल के कारण अपनी पहचान खोने की कगार पर पहुँच चुका यह जंगल, आज देश के सबसे सफल इको-सिस्टम और रीवाइल्डिंग प्रोजेक्ट का 'ग्लोबल चेहरा' बनकर उभरा है। दशकों बाद लौटे काले हिरणों की रिकॉर्ड तोड़ आबादी से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रवासी पक्षियों के नए बसेरे तक—बारनवापारा से आई ताजा और सकारात्मक खबरों ने देश के पर्यावरणविदों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आइए जानते हैं कि कैसे छत्तीसगढ़ का यह अभयारण्य देश के नक्शे पर एक नई सनसनी बन गया है। 

बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) इन दिनों देश के पर्यावरण और वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। साल 2026 की शुरुआत और हालिया महीनों में आई ताजा रिपोर्टों ने यह साबित कर दिया है कि बारनवापारा अब केवल एक जंगल नहीं, बल्कि भारत में वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) का एक बेहद सफल 'रोल मॉडल' बन चुका है।

यहाँ से दो ऐसी बड़ी और सकारात्मक खबरें आई हैं, जिसने देश के नक्शे पर बारनवापारा का गौरव बढ़ा दिया है।

1. 50 साल बाद गूंजी किलकारियां

सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी काले हिरणों (Blackbucks) के पुनर्वास को लेकर मिली है। 1970 के दशक में अत्यधिक शिकार और पर्यावास (Habitat) के नुकसान के कारण बारनवापारा से काले हिरण पूरी तरह विलुप्त हो चुके थे।

  • शून्य से 200 का सफर: वन विभाग ने साल 2018 में दिल्ली और बिलासपुर (कानन पेंडारी) से कुल 77 काले हिरण लाकर यहाँ छोड़े थे। कड़े वैज्ञानिक संरक्षण और आधुनिक PTZ IR कैमरा मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से आज 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 200 से अधिक हो गई है।

  • प्रधानमंत्री ने भी सराहा: भारत में काले हिरणों के इस पहले बड़े 'रीवाइल्डिंग' (Rewilding) प्रोजेक्ट की सफलता को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में सराहा है।

  • बनेगा 'डोनर' अभयारण्य: यहाँ काले हिरणों की बढ़ती आबादी को देखते हुए अब वन विभाग इन्हें रायगढ़ के 'गोमरधा अभयारण्य' और 'अचानकमार टाइगर रिजर्व' में भी शिफ्ट करने की योजना बना रहा है।

2. 'बर्ड सर्वे': खोजी गईं 202 पक्षी प्रजातियां

बारनवापारा की समृद्ध जैव-विविधता को परखने के लिए हाल ही में तीन दिवसीय “बर्ड सर्वे 2026” का भव्य आयोजन किया गया। इस अनूठे सर्वे में देश के 11 राज्यों (जैसे केरल, गुजरात, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र) से आए 100 से अधिक पक्षी विशेषज्ञों और फोटोग्राफर्स ने हिस्सा लिया।

सर्वे के मुख्य आकर्षण और दुर्लभ पक्षी:

  • बार-हेडेड गूज (Bar-headed Goose): यह पक्षी मध्य एशिया के उच्च हिमालयी क्षेत्रों से उड़कर सर्दियों में यहाँ पहुँचा, जो विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज था।

  • अन्य दुर्लभ मेहमान: पेरेग्रिन फाल्कन, ब्लू-कैप्ड रॉक थ्रश, ग्रे-हेडेड लैपविंग और ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन जैसे अद्भुत पक्षी भी यहाँ चहचहाते मिले।

वैज्ञानिक महत्व: इस सर्वे से जुटाए गए आंकड़े अब एक वैश्विक डेटाबेस का हिस्सा बनेंगे, जिससे यहाँ के इको-टूरिज्म (Eco-Tourism) और बर्डिंग कल्चर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

3. 'उदंती' को बचाने आगे आया बारनवापारा

हाल ही में छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु 'वन भैंसा' (Wild Buffalo) के संरक्षण की रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया गया है। उदंती-सिटानदी अभयारण्य में वन भैंसों की घटती संख्या और उनकी आनुवंशिक शुद्धता को बचाने के लिए बारनवापारा की अहम भूमिका तय की गई है। बारनवापारा से 3 स्वस्थ मादा वन भैंसों को उदंती शिफ्ट करने की तैयारी पूरी हो चुकी है, जिन्हें रेडियो-कॉलर के जरिए ट्रैक किया जाएगा।

क्यों खास है बारनवापारा का भूगोल

लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा मुख्य रूप से बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित है। यह इलाका महुआ, साजा, तेंदू और साल के घने जंगलों से घिरा हुआ है। इस अभयारण्य को जीवन देने का काम महानदी की दो सहायक नदियां—पश्चिम में बालमदेही और उत्तर-पूर्व में जोंक नदी करती हैं। यही कारण है कि यहाँ शाकाहारी और मांसाहारी जीवों के फलने-फूलने के लिए बेहतरीन प्राकृतिक माहौल मिलता है।
पर्यटकों के लिए संदेश
यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो हरी-भरी वादियों के बीच कुलांचें भरते काले हिरणों के झुंड और विदेशी पक्षियों का दीदार करने के लिए बारनवापारा से बेहतर जगह इस वक्त छत्तीसगढ़ में कोई दूसरी नहीं है। वीकेंड की प्लानिंग कीजिए और छत्तीसगढ़ के इस बदलते 'जंगल राज' के गवाह बनिए!
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
📱 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
सरकारी सूचना राजनीति अतिथि
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश विदेश
ग्लैमर
शिक्षा/करियर सेहत खेल कारोबार पर्यटन धर्म राशिफल/ज्योतिष 🌙 डार्क/लाइट मोड ✍️ डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
🎬
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

⚠️
सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
🔔
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें