वैश्विक राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच रूस और चीन एक बार फिर अपने रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के चीन दौरे के बाद अब रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin भी 19 और 20 मई को चीन की महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा पर पहुंचेंगे। इस दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों से लेकर वैश्विक मुद्दों तक कई अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर राष्ट्रपति पुतिन दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर चीन आएंगे। इस यात्रा को रूस और चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
25 साल पुरानी संधि की वर्षगांठ पर खास यात्रा
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार यह दौरा “अच्छे-पड़ोसी संबंध, मित्रता और सहयोग संधि” पर हस्ताक्षर की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। यह संधि दोनों देशों के संबंधों की आधारशिला मानी जाती है और पिछले ढाई दशकों में रूस-चीन साझेदारी को मजबूत करने में इसकी अहम भूमिका रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, पश्चिमी देशों के दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों के दौर में रूस और चीन लगातार एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। यही कारण है कि यह यात्रा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग
पुतिन और जिनपिंग की बैठक में रूस और चीन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। दोनों नेता रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक संबंध, तकनीकी सहयोग और वैश्विक आर्थिक हालात जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा यूक्रेन युद्ध, एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति, अमेरिका-चीन संबंध, पश्चिमी प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय भी बातचीत का हिस्सा रह सकते हैं। माना जा रहा है कि दोनों देश बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करने और पश्चिमी प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति पर भी चर्चा करेंगे।
शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को भी मिलेगा बढ़ावा
रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेता 2026-27 के लिए “रूस-चीन शिक्षा वर्ष” के आधिकारिक उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच शिक्षा, अनुसंधान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और युवाओं के सहयोग को बढ़ावा देना है। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इनमें अंतर-सरकारी, अंतर-विभागीय और आर्थिक सहयोग से जुड़े समझौते शामिल हो सकते हैं।
चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग से भी मिलेंगे पुतिन
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति पुतिन चीन की स्टेट काउंसिल के प्रीमियर Li Qiang से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में रूस और चीन के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने पर चर्चा होगी। विशेष रूप से ऊर्जा, तेल-गैस आपूर्ति, बुनियादी ढांचा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद रूस ने चीन के साथ अपने आर्थिक संबंधों को काफी विस्तार दिया है और दोनों देश डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
वैश्विक राजनीति पर रहेगी दुनिया की नजर
विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका, रूस और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच पुतिन और जिनपिंग की यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़े संकेत दे सकती है। ट्रंप के हालिया चीन दौरे के बाद पुतिन की यह यात्रा यह भी दर्शाती है कि चीन वैश्विक शक्ति संतुलन में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में इस बैठक के नतीजों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

