राजधानी रायपुर में अवैध सट्टे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टा चलाने वाले आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 9.05 लाख रुपए नकद और लगभग 13 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में राजा साहू, अभय साहू, मंजीत सिंह, रोहित मोटवानी, हरीश सकलेचा और आकाश सिन्हा शामिल हैं। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला ने बताया, कि पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना गुढ़ियारी क्षेत्र के गोंदवारा ओवरब्रिज के नीचे कुछ लोग ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। जिस पर पुलिस ने तुरंत रेड मारी जहां से आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
कॉल के जरिए मैच पर दांव
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से राजा साहू और अभय साहू को हिरासत में लिया था। जब उनके मोबाइल की जांच की गई तो पता चला कि वे ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट की मास्टर आईडी के जरिए सट्टा चला रहे थे। आरोपी खिलाड़ियों को आईडी देकर कमीशन लेते थे और फोन कॉल के जरिए क्रिकेट मैच पर दांव लगवाते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मंजीत सिंह और रोहित मोटवानी के लिए काम करते हैं।
इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई कर हिस्ट्रीशीटर मंजीत सिंह, रोहित मोटवानी, हरीश सकलेचा और आकाश सिन्हा को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक मंजीत सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास और जुआ एक्ट समेत पहले से कई मामले दर्ज हैं।
आरोपियों से जब्त किए सामान
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन सट्टा साइट्स के अलावा “पट्टी” के माध्यम से भी सट्टा चला रहे थे। आरोपी रोहित मोटवानी और हरीश सकलेचा ऑफलाइन सट्टा संचालन में भी सक्रिय थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 9,05,238 रुपए नगद, 8 मोबाइल फोन, सट्टा पट्टी, कैलकुलेटर और पेन जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 13 लाख रुपए बताई जा रही है।
सभी आरोपियों के खिलाफ थाना गुढ़ियारी में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 और 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
- राजा साहू और अभय साहू (गुढ़ियारी)
- मंजीत सिंह (खमतराई, हिस्ट्रीशीटर)
- रोहित मोटवानी और हरीश सकलेचा (आजाद चौक)
- आकाश सिन्हा (पुरानी बस्ती)
- आरोपी ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट की मास्टर आईडी के जरिए सट्टा संचालित कर रहे थे।
- खिलाड़ियों को आईडी देकर कमीशन पर दांव लगवाए जाते थे।
- फोन कॉल के जरिए क्रिकेट मैच पर सट्टा खिलाया जा रहा था।
- इसके अलावा “पट्टी” के माध्यम से ऑफलाइन सट्टा भी चल रहा था।
