अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग स्थित
भिट्ठी कला गांव में बीती रात हुए सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
यहां एक स्कॉर्पियो वाहन ने बाजार से लौट रही तीन महिलाओं को कुचल दिया। हादसे में
राम बाई, श्यामपति सहित तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही
ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
लोगों का प्रदर्शन, NH-130 पर टायर जलाकर किया जाम
आज दोपहर 2 बजे के आसपास परिजनों और गांव के लोगों ने नेशनल हाईवे 130 को जाम कर दिया। लोगों ने हाईवे में पत्थर और टायर जलाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते हाईवे पर गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए और नेशनल हाईवे में ब्रेकर्स लगाने की आवश्यकता है।
पोस्टमार्टम के बाद हंगामा और एंबुलेंस रोकी
हादसे के एक दिन बाद, शवों का पोस्टमार्टम कर एंबुलेंस के माध्यम से परिजनों के घर भेजा जा रहा था, तभी ग्रामीणों और परिजनों ने एंबुलेंस को हाईवे में रोक लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन तेज कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मणिपुर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजा तत्काल मिलना चाहिए, अन्यथा प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रशासन की प्राथमिक सहायता और जाम की वजह से ट्रैफिक जाम
प्रशासन ने मृतक परिवारों को 25,000 रुपये की प्राथमिक सहायता राशि उपलब्ध कराई, लेकिन इससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। चक्का जाम की वजह से ट्रक, बस और अन्य चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
हादसा और लोगों का आक्रोश
जानकारी के अनुसार, बीती रात स्कॉर्पियो वाहन ने भिट्ठी कला गांव में बाजार से लौट रही महिलाओं को रौंद दिया। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने रात में ही जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने समझाइश देकर स्थिति को काबू में किया था, लेकिन आज दोपहर पोस्टमार्टम के बाद हाईवे पर शव जाते समय प्रदर्शन फिर शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर सुरक्षा इंतजाम न होने की वजह से हादसा हुआ, इसलिए प्रशासन को तत्काल मुआवजा देने और सुरक्षा उपाय करने चाहिए।
