छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती के मामले में निलंबित की गईं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को बहाल कर दिया गया है। हालांकि, विभागीय जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा लिया जाएगा।
अवैध अफीम की खेती ने खोली थी लापरवाही की परतें
दुर्ग जिले में सामने आए इस मामले ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। जिस खेत में अफीम की खेती लहलहा रही थी, उसे अधिकारियों द्वारा मक्का फसल का प्रदर्शन प्लॉट बताया जा रहा था। जांच में सामने आया कि भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के भाई विमल ताम्रकार के खेत को गलत तरीके से मक्का प्रदर्शन प्लॉट दर्शाया गया, जबकि वास्तविकता में वहां धान की खेती हो रही थी। इस गड़बड़ी के बाद कलेक्टर ने एकता साहू सहित तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
दस्तावेजों में हेरफेर और नियमों का उल्लंघन
जांच में यह भी सामने आया कि:
- प्रदर्शन प्लॉट का स्थान बदल दिया गया था
- शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त कर ली गई
- फोटो में वास्तविक किसान की जगह किसी अन्य व्यक्ति को दिखाया गया
- रिपोर्ट में मक्के की फसल दर्शाई गई, जबकि पीछे अफीम की खेती हो रही थी
- यह सभी तथ्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करते हैं।

तकनीकी कारणों के आधार पर मिली राहत
निलंबन के बाद सुनवाई के दौरान कुछ तकनीकी कारण सामने आए, जिनमें: प्रशिक्षण की कमी, संसाधनों का अभाव, अफीम की फसल की पहचान न कर पाना, इन बिंदुओं पर विचार करने के बाद दुर्ग संभाग के आयुक्त के निर्देश पर संयुक्त संचालक कृषि ने एकता साहू की बहाली का आदेश जारी किया।
अब धमधा ब्लॉक में नई पदस्थापना
बहाली के बाद एकता साहू को विकासखंड धमधा में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के अधीन पदस्थ किया गया है। हालांकि, निलंबन अवधि और आगे की कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय विभागीय जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
