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अपना घर आश्रम ने बिछड़े युवक को परिवार से मिलाया
अपना घर आश्रम ने बिछड़े युवक को परिवार से मिलाया
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इंसानियत की मिसाल : रास्ता भटके युवक को अपना घर आश्रम ने परिवार से मिलाया

गोढ़ी स्थित अपना घर आश्रम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए रास्ता भटककर रायपुर पहुंचे मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को उसके परिवार से मिलाया। झारखंड निवासी युवक को आश्रम में आश्रय, भोजन और देखभाल देने के बाद परिजनों से संपर्क किया गया। बेटे को सुरक्षित पाकर परिवार भावुक हो उठा और आश्रम प्रबंधन का आभार जताया।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
13 May 2026, 06:34 PM
आरंग

कहते हैं कि जहां संवेदनाएं जिंदा होती हैं, वहां इंसानियत कभी हारती नहीं। गोढ़ी स्थित अपना घर आश्रम ने एक बार फिर इसी मानवता की मिसाल पेश की है। मानसिक रूप से अस्वस्थ होकर घर से बिछड़ चुके एक युवक को आश्रम ने न सिर्फ सहारा दिया, बल्कि उसे उसके परिवार से मिलाकर एक टूटते परिवार को फिर से जोड़ दिया।

यह भावुक कर देने वाला मामला झारखंड के सिमडेगा जिले के ग्राम करमटोली निवासी 31 वर्षीय रोहित नायक से जुड़ा है। रोहित गोवा से अपने घर लौट रहा था, लेकिन मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह रास्ता भटक गया और गलती से ट्रेन बदलकर रायपुर पहुंच गया। अनजान शहर में न पैसे, न कोई पहचान और न ही घर लौटने का रास्ता… रोहित पूरी तरह बेसहारा हो चुका था।

भरोसा टूटा, इंसानियत ने संभाला

किसी तरह एक टै्सी चालक की मदद से उसने अपने परिवार से संपर्क किया। बेटे की चिंता में डूबे परिवार ने युवक को सुरक्षित घर भेजने के लिए चालक के खाते में दो हजार रुपये ट्रांसफर किए। परिवार को उम्मीद थी कि उनका बेटा अब घर लौट आएगा, लेकिन चालक ने मानवता को शर्मसार करते हुए युवक को बस में बैठाने के बजाय माना क्षेत्र के सुनसान इलाके में छोड़ दिया।

भूख, प्यास और मानसिक परेशानी से जूझ रहे युवक पर विजय कुमार नामक व्यक्ति की नजर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए युवक को माना कैंप थाना पहुंचाया। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए 11 मई की रात युवक को अपना घर आश्रम में भर्ती कराया।

आश्रम ने दिया सहारा, फिर जुड़ गया परिवार

आश्रम में युवक को भोजन, देखभाल और सुरक्षित आश्रय दिया गया। रातभर आराम करने के बाद अगले दिन युवक ने वार्ड प्रभारी को अपनी आपबीती सुनाई और अपने बड़े भाई का मोबाइल नंबर दिया। आश्रम प्रबंधन ने तुरंत परिवार से संपर्क किया।

बेटे के मिलने की खबर सुनते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। युवक के पिता, माता, बहन, चाचा सहित छह सदस्य देर रात निजी वाहन से रायपुर पहुंचे। रात में आश्रम में ही ठहरने के बाद बुधवार सुबह जब रोहित अपने परिवार से मिला, तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।

युवक की बहन ने भावुक होकर कहा, “हमें उम्मीद ही नहीं थी कि हमारा भाई इस तरह सुरक्षित मिल जाएगा… सच में मानवता अभी भी जिंदा है।”

सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल बना आश्रम

परिजनों ने आश्रम प्रबंधन का आभार जताते हुए श्रद्धापूर्वक दान पेटी में सहयोग राशि अर्पित की और अपने बेटे को साथ लेकर घर रवाना हुए। अपना घर आश्रम की इस पहल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समाज में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं, जो अनजान लोगों के दर्द को अपना समझकर उनकी जिंदगी में उम्मीद की रोशनी बनते हैं।

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