छत्तीसगढ़ की राजधानी में सोशल मीडिया पर फेम पाने की होड़ अब सड़कों पर गुंडागर्दी में तब्दील होती नजर आ रही है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र के एक चर्चित मॉल की पार्किंग में खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताने वाली सोमा देवांगन और उनके साथी रॉकी बॉक्सर का एक विवादित वीडियो जंगल में आग की तरह फैल गया है। इस वीडियो में गाली-गलौज, मारपीट और सरेआम वाहनों में तोड़फोड़ का खौफनाक मंजर दिखाई दे रहा है।
पार्किंग बनी अखाड़ा: डंडों से हमला और हंगामा
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद शहर के एक मॉल की पार्किंग में शुरू हुआ। मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सोमा देवांगन और रॉकी बॉक्सर कुछ युवक-युवतियों के साथ उलझे हुए हैं। विवाद इतना बढ़ा कि बात सिर्फ जुबानी जंग तक सीमित नहीं रही। आरोप है कि इस दौरान डंडों का इस्तेमाल किया गया और विपक्षी पक्ष के वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हाथापाई को देखकर स्थानीय लोग भी सहम गए। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद जनता का गुस्सा फूट पड़ा है, और लोग 'इन्फ्लुएंसर' के नाम पर कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फरारी और पुलिस की कार्रवाई
तेलीबांधा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले ही एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमा और रॉकी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। हालांकि, पुलिसिया कार्रवाई के बीच यह खबर भी गर्म है कि आरोपी गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहे हैं। अब वीडियो वायरल होने के बाद रायपुर पुलिस पर आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का भारी दबाव है।
पुराना है विवादों से नाता
यह पहली बार नहीं है जब सोमा देवांगन का नाम किसी विवाद में आया हो। सोमा अक्सर अपने आपत्तिजनक कंटेंट और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों के कारण सुर्खियों में रहती हैं।
सूरजपुर मामला: हाल ही में सूरजपुर जिले में एक पुलिसकर्मी ने सोमा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल करने का आरोप लगा था।
मर्यादा का उल्लंघन: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लाइक्स और फॉलोअर्स के चक्कर में ये तथाकथित इन्फ्लुएंसर सामाजिक मर्यादाओं और कानून को ताक पर रख रहे हैं।
जांच में जुटी पुलिस
रायपुर पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जनता की आवाज: "सोशल मीडिया पर मशहूर होने का मतलब यह नहीं कि आप कानून से ऊपर हो जाएं। शहर की शांति भंग करने वालों पर पुलिस को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए जो मिसाल बने।" — स्थानीय निवासी
