गांजा तस्करों ने अब तस्करी का ऐसा नया तरीका अपनाया है, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। एम्बुलेंस, केला परिवहन और मूवर्स एंड पैकर्स की आड़ में तस्करी के बाद अब आरोपी खुद को कपड़ा फेरीवाला बताकर बाइक से गांजा सप्लाई कर रहे थे। मोटरसाइकिलों में विशेष लोहे का कम्पार्टमेंट बनाकर उसके ऊपर कपड़ों का ढेर रखा जाता था, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन रायपुर रेंज पुलिस की सतर्कता के आगे तस्करों का यह नया शातिर पैतरा भी ज्यादा देर नहीं चल सका।
रायपुर रेंज के महासमुंद और धमतरी जिलों में ओडिशा सीमा से लगे अंतरराज्यीय चेक पोस्टों पर लगातार चल रही वाहन जांच के दौरान पुलिस ने करीब 378 किलो गांजा जब्त कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। जब्त गांजे और वाहनों समेत कुल संपत्ति की कीमत करीब 1 करोड़ 98 लाख रुपए आंकी गई है।
ऐसे खुला तस्करी का पूरा खेल
पुलिस के मुताबिक तस्कर 5 से 7 बाइक की कतार बनाकर चलते थे। सभी बाइक पर कपड़ों के गठ्ठर रखे रहते थे, जिससे वे सड़क किनारे कपड़ा बेचने वाले फेरीवाले नजर आते थे। लेकिन कपड़ों के नीचे लोहे के जालीनुमा कम्पार्टमेंट में गांजा छिपाकर रखा जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा इलाके से लाकर मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में सप्लाई किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जो अलग-अलग राज्यों में इसी तरीके से गांजा पहुंचा रहा था।
महासमुंद में 247 किलो गांजा जब्त
महासमुंद जिले की बसना और कोमाखान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में कुल 247 किलो गांजा जब्त किया। बसना पुलिस ने 5 बाइक सवार आरोपियों को पकड़ा, जबकि टेमरी जांच नाका में कोमाखान पुलिस ने बाइक सवार 2 तस्करों को घेराबंदी कर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे लोहे के जाले भी बरामद किए।
गिरफ्तार आरोपी
मेताप टाटिया, रमेश चौहान, राजू कुमावत, दीपक राजपूत, प्रकाश बंजारा, मोहम्मद रिहान और मनोज सिंह को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के रहने वाले बताए गए हैं। धमतरी जिले में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने 3 मोटरसाइकिलों में छिपाकर ले जाया जा रहा 131 किलो गांजा जब्त किया। यहां भी आरोपी कपड़ा फेरीवाले बनकर तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक नाबालिग को विधि से संघर्षरत बालक के रूप में निरुद्ध किया गया। राजेश ओबानी और दौलत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के बैतूल और रायसेन जिले के निवासी हैं।
लगातार बदल रहे तस्करी के तरीके
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गांजा तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। पहले एम्बुलेंस, फल-परिवहन और मूवर्स एंड पैकर्स के जरिए गांजा भेजा जा रहा था। अब फेरीवालों के वेश में बाइक से सप्लाई की जा रही थी। रायपुर रेंज पुलिस ने कहा कि ओडिशा सीमा से लगे सभी अंतरराज्यीय चेक पोस्टों पर जांच और सख्त की जाएगी, ताकि तस्करों के हर नए हथकंडे को समय रहते नाकाम किया जा सके।
कुल जब्ती
- 378 किलो से ज्यादा गांजा जब्त
- 10 मोटरसाइकिलें जब्त
- 9 मोबाइल फोन बरामद
- कुल जब्त संपत्ति करीब 1.98 करोड़ रुपए
पुलिस को संगठित गिरोह होने का शक
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग राज्यों से जुड़े हुए हैं और एक नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटाने में लगी है।
