अंबिकापुर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में सोमवार सुबह प्रशासन की टीम ने कमोदा रिसॉर्ट परिसर में बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन के अनुसार रिसॉर्ट का निर्माण लगभग 45 डिसिमल सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर किया गया था। सुबह भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
दो दिन पहले भी पहुंची थी प्रशासनिक टीम
इससे पहले दो दिन पूर्व जिला प्रशासन की टीम एसडीएम के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। हालांकि उस समय रिसॉर्ट संचालकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। मौके पर काफी हंगामा हुआ, जिसके कारण प्रशासन को कार्रवाई अधूरी छोड़कर वापस लौटना पड़ा था। बाद में रिसॉर्ट संचालकों ने अधिकारियों को आवेदन देकर दो दिन का समय मांगा था।
समय सीमा खत्म होते ही फिर शुरू हुई कार्रवाई
शनिवार और रविवार का समय समाप्त होने के बाद सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे प्रशासन दोबारा मौके पर पहुंचा। इस बार पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर और जेसीबी मशीनों के जरिए अतिक्रमण हटाना शुरू किया गया। कार्रवाई के दौरान फिर से हल्का विरोध देखने को मिला, लेकिन अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए अभियान जारी रखा। प्रशासन ने सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया है।
तहसील न्यायालय के आदेश के बाद बढ़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक कमोदा विहार रिसॉर्ट के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि इसका निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया है। मामले की जांच के बाद अक्टूबर 2025 में तहसील न्यायालय ने आदेश जारी कर कहा था कि करीब 45 डिसिमल सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण हुआ है। इसके बाद रिसॉर्ट संचालकों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पहले दिन विरोध के कारण नहीं हट सका कब्जा
शनिवार को एसडीएम वन सिंह नेताम के नेतृत्व में राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की टीम सुबह से शाम तक अतिक्रमण हटाने की तैयारी में जुटी रही। लेकिन विरोध और हंगामे के कारण कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की और कार्रवाई पर सवाल उठाए। इसके बाद रिसॉर्ट संचालकों ने अतिरिक्त समय की मांग की थी।
शरणार्थी भूमि की खरीद पर भी उठे सवाल
रिसॉर्ट जिस जमीन पर बनाया गया है, उसका एक हिस्सा बंगाली शरणार्थियों को आवंटित भूमि बताया जा रहा है। हालांकि रिसॉर्ट संचालकों ने इस जमीन की खरीदी होने का दावा किया है, लेकिन जमीन बेचने वाले परिवारों के कुछ सदस्यों ने इस सौदे पर आपत्ति जताई है। उन्होंने सरगुजा कलेक्टर से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि जमीन की रजिस्ट्री गलत तरीके से कराई गई है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।
लगातार चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर पिछले एक महीने से जिले में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाइयां लगातार की जा रही हैं। इससे पहले रिंग तालाब पर अवैध कब्जा हटाकर तालाब को मुक्त कराया गया था। वहीं नाले को पाटकर बनाई जा रही बाउंड्री वॉल को भी प्रशासन ने तोड़ा था। वन विभाग ने भी वन भूमि पर बने अवैध मकानों पर कार्रवाई की थी।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है कार्रवाई
प्रशासन की लगातार कार्रवाई से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान और तेज हो सकता है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
