दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बेलौदी में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग और डायरिया के प्रकोप ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। रविवार के साप्ताहिक हाट बाजार में 'गुपचुप-चाट' का स्वाद ग्रामीणों पर भारी पड़ गया। अब तक 54 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से एक महिला की मौत हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को अपने गृह ग्राम बेलौदी पहुँचे और पीड़ितों का हालचाल जाना।
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को साप्ताहिक बाजार में चाट खाने के बाद देर रात 2 से 3 बजे के बीच अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी मच गई।
कुल प्रभावित: 54 ग्रामीण
अस्पताल में भर्ती: 16 मरीज (09 पाटन, 04 जिला अस्पताल और 03 सेलूद में)
निगरानी: गांव में ही स्वास्थ्य विभाग का 24 घंटे का कैंप सक्रिय।
शोक संतप्त परिवार से मिले भूपेश बघेल
बीमारी के प्रकोप के बीच गांव की महिला सरस्वती निषाद की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मृतका के घर पहुँचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने मुक्तिधाम जाकर श्रद्धांजलि भी दी। बघेल ने पाटन स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर वहां भर्ती मरीजों से मुलाकात की और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
"गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। मैंने सीएमएचओ से चर्चा कर हर मरीज की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए हैं।"
— भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई: गुपचुप और पानी दोनों रडार पर
दुर्ग सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी के नेतृत्व में मेडिकल टीम गांव में डटी हुई है। प्रारंभिक जांच में साप्ताहिक बाजार के खाद्य पदार्थों को मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन विभाग ने अन्य पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा है:
खाद्य नमूने: गुपचुप-चाट के संदिग्ध नमूनों की जांच की जा रही है।
जल परीक्षण: गांव के सभी जल स्रोतों (हैंडपंप और टैंक) के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स: गांव में दो एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात है।


