उत्तर प्रदेश में बुधवार देर शाम आए भीषण आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं, बिजली गिरने और पेड़ों के उखड़ने से प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। ताजा अपडेट के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करीब 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।
सबसे ज्यादा असर प्रयागराज, भदोही और मिर्जापुर जिलों में देखने को मिला, जहां तेज हवाओं ने सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिरा दिए। कई कच्चे मकान ढह गए और सड़कें मलबे से पट गईं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी घंटों बाधित रही। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।
जिलों में मौत का आंकड़ा: एक नजर में
तूफान ने उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और मध्य इलाकों में सबसे ज्यादा जख्म दिए हैं:
| जिला | मौतों की संख्या | मुख्य नुकसान |
| प्रयागराज | 16 | गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त, सैकड़ों पेड़ उखड़े |
| भदोही | 15 | 8 घायल, 16 मवेशियों की मौत |
| मिर्जापुर | 10 | बिजली के खंभे और दीवारें गिरीं |
| फतेहपुर | 09 | कच्चे मकान जमींदोज |
| हरदोई | 02 | फसल और संपत्तियों का नुकसान |
| कानपुर देहात | 01 | पेड़ गिरने से हादसा |
| कौशांबी | 01 | दीवार गिरने से मौत |
सैकड़ों घर उजड़े, बिजली व्यवस्था ठप
तेज रफ्तार हवाओं के कारण सैकड़ों की तादाद में पेड़ जड़ से उखड़ गए और कई इलाकों में बिजली के खंभे गिर जाने से ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है। प्रशासन के मुताबिक, कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
राहत और बचाव कार्य जारी
मुख्यमंत्री कार्यालय स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा और सहायता पहुंचाई जाए।
