कबीरधाम जिले के डोंगरिया में रविवार को आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में विकास, संस्कृति और सामाजिक एकता का मजबूत संदेश देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाज की ऐतिहासिक भूमिका और राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि “एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मंच से मुख्यमंत्री ने जहां सामाजिक एकता पर जोर दिया, वहीं क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की सौगात भी दी।
कुर्मी समाज का इतिहास गौरवशाली
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास हमेशा से देशभक्ति, परिश्रम और सामाजिक जागरूकता से जुड़ा रहा है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने देश की एकता और सुरक्षा को नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज ने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक बना है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः शुरू कर वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।
विकास की बड़ी घोषणाएं और योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को जमीन पर उतारने का काम किया है।
उन्होंने बताया कि—
- महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है
- प्रदेश की लाखों माताओं के खातों में 27-27 हजार रुपये की सहायता राशि पहुंच चुकी है
- 10,500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है
- कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है
इसके साथ ही रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से काम चल रहा है।
छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत 2047” के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाने का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में सरकार काम कर रही है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
एकता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार पटेल जैसे प्रेरणास्रोतों वाले समाज से हमेशा राष्ट्र निर्माण की अपेक्षा रहती है। उन्होंने समाज से शिक्षा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का आह्वान किया।
समाज की एकजुटता ही पहचान
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां संस्कार और विश्वास होते हैं, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है।
कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ की मजबूत रीढ़
तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज प्रदेश का एक प्रमुख और जागरूक समाज है, जिसकी उपस्थिति हर गांव में दिखाई देती है।
वहीं पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है और समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
132 वर्षों की संगठनात्मक परंपरा का उल्लेख
अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने कहा कि समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है।
उन्होंने कहा कि समाज ने अपनी मेहनत, मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान बनाई है। जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है।
डोंगरिया बना सामाजिक चेतना का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण सामाजिक एकता, विकास और सांस्कृतिक गौरव के संदेशों से गूंजता रहा। सम्मेलन में समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस आयोजन को न केवल समाजिक सम्मान समारोह के रूप में देखा गया, बल्कि यह आने वाले समय में समाज की भूमिका और दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ।
