जिला कांग्रेस कार्यालय गुरुवार को उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के कुछ ही मिनटों बाद पार्टी के दो वरिष्ठ नेता आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि बात बहस से मारपीट और फिर तोड़फोड़ तक पहुंच गई। महंगाई और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर बुलाई गई प्रेस वार्ता खत्म हुए महज 10 मिनट ही बीते थे कि अंदरखाने शुरू हुआ मतभेद खुले टकराव में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हॉल में अचानक अफरा-तफरी मच गई और दोनों नेताओं के बीच जमकर लात-घूंसे चले।
विवाद की जड़: “कार्यकर्ता कम, पत्रकार ज्यादा”
घटना की शुरुआत जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष विजय साव द्वारा कार्यकर्ताओं की कम उपस्थिति पर सवाल उठाने से हुई। उन्होंने टिप्पणी की कि कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से ज्यादा पत्रकार मौजूद हैं। इसी बात को लेकर पूर्व कोषाध्यक्ष निर्मल जैन ने आपत्ति जताई और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में बहस ने उग्र रूप ले लिया और दोनों नेता आपा खो बैठे।
हॉल बना रणभूमि, कांच के गिलास चकनाचूर
हंगामे के दौरान कांग्रेस भवन का हॉल पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। गुस्से में कुर्सियां फेंकी गईं, टेबल पर रखे कांच के गिलास जमीन पर पटक दिए गए, जिससे पूरा फर्श कांच के टुकड़ों से भर गया। करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे को शांत कराने के लिए अन्य कार्यकर्ताओं को बीच-बचाव करना पड़ा। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसके बाद एक पक्ष को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
विजय साव का पक्ष
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष विजय साव ने तोड़फोड़ के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने केवल संगठन की स्थिति पर सवाल उठाया था। “मैंने किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं की, बल्कि मेरे साथ मारपीट हुई है। पार्टी के जिम्मेदार पद पर हूं, इसलिए सवाल उठाना मेरा अधिकार है।”
निर्मल जैन का आरोप
वहीं, पूर्व कोषाध्यक्ष निर्मल जैन ने आरोप लगाया कि उनकी बात का जवाब सुनकर विजय साव भड़क गए। “प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों की मौजूदगी स्वाभाविक है, लेकिन इसी बात पर वे गुस्से में आ गए और मारपीट शुरू कर दी। मामले में FIR दर्ज कराई गई है।”
जिलाध्यक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया
कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह आचरण पार्टी की गरिमा के खिलाफ है। “यह व्यवहार किसी पदाधिकारी का नहीं, बल्कि आपराधिक प्रवृत्ति का प्रतीत होता है। पूरी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेजी जा रही है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
पुलिस जांच जारी
महासमुंद थाना प्रभारी दिनेश यादव के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है और प्रारंभिक जांच में विवाद की वजह कार्यकर्ताओं की कम उपस्थिति पर हुई बहस सामने आई है।
स्थिति फिलहाल नियंत्रण में
घटना के बाद कांग्रेस भवन में माहौल तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
