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राहूल गांधी जमीनी जनसंपर्क वाले अंदाज में
राहूल गांधी जमीनी जनसंपर्क वाले अंदाज में
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खाकी अवतार : राहूल गांधी ने पहनी वर्दी, जमीन पर बैठे और जाना आम आदमी का दर्द 

Rahul Gandhi ने लुटियंस दिल्ली स्थित अपने आवास पर दिल्ली-NCR के ऑटो रिक्शा चालकों से मुलाकात कर उनके जीवन, आर्थिक संघर्ष और महंगाई की मार को करीब से समझा। इस दौरान उन्होंने खाकी वर्दी पहनकर प्रतीकात्मक रूप से ड्राइवरों के साथ समय बिताया, जमीन पर बैठकर भोजन किया और उनकी समस्याओं को सुना।

कीर्तिमान न्यूज
29 May 2026, 05:41 PM
नई दिल्ली

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर अपने उसी चिर-परिचित, बेबाक और जमीनी जनसंपर्क वाले अंदाज में नजर आए हैं, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। इस बार राहुल गांधी का एक ऐसा रूप सामने आया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। लुटियंस दिल्ली में अपने सरकारी आवास के बाहर राहुल गांधी अचानक एक आम ऑटो रिक्शा चालक की खाकी वर्दी पहने हुए दिखाई दिए।

खाकी वर्दी और 'दिल की बात'

दरअसल, यह कोई चुनावी स्टंट नहीं बल्कि देश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों की जिंदगी को बेहद करीब से महसूस करने की राहुल गांधी की एक और कोशिश थी। राहुल गांधी ने दिल्ली-NCR के कई ऑटो रिक्शा चालकों को अपने आवास पर आमंत्रित किया था।

इस मुलाकात की सबसे खास बात यह रही कि राहुल गांधी सिर्फ नेताओं की तरह ड्राइवरों से मिले नहीं, बल्कि खुद उनकी पहचान (खाकी वर्दी) को ओढ़कर उनके बीच बैठ गए। इस पूरी मुलाकात का मुख्य उद्देश्य उन मेहनतकशों के दैनिक संघर्षों, उनकी आर्थिक तंगहाली और उनकी आवाज़ को देश की मुख्यधारा की राजनीति के केंद्र में लाना था।

जमीन पर बैठकर खाया सादा खाना

मुलाकात के दौरान कोई वीआईपी कल्चर नजर नहीं आया। राहुल गांधी ड्राइवरों के साथ जमीन पर चटाई बिछाकर बैठ गए और उनके साथ बेहद सादा भोजन (दाल, रोटी, सब्जी) खाया। भोजन करते-करते 'सियासत के सिपाही' और 'सड़कों के सिकंदरों' के बीच दिल खोलकर बातें हुईं:

  • कमाई और महंगाई की मार: चालकों ने बताया कि कैसे आसमान छूती महंगाई और सीएनजी (CNG) के लगातार बढ़ते दामों ने उनके घर का बजट बिगाड़ दिया है। दिनभर हाड़-तोड़ मेहनत करने के बाद भी वे अपने बच्चों की फीस और घर का किराया बमुश्किल निकाल पाते हैं।

  • प्रशासनिक प्रताड़ना: चालकों ने पुलिसिया चालान और ऐप-बेस्ड कंपनियों (Ola/Uber) के भारी कमीशन से होने वाले नुकसान का दर्द भी साझा किया।

  • राहुल का आश्वासन: राहुल गांधी ने बेहद संजीदगी और आत्मीयता से हर एक चालक की बात सुनी, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और भरोसा दिलाया कि संसद से लेकर सड़क तक वे उनकी इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, सियासी सरगर्मी तेज

लेटेस्ट अपडेट: राहुल गांधी और ऑटो चालकों की इस आत्मीय मुलाकात का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल्स से इसे "जननायक का जनता से जुड़ाव" कहकर शेयर किया जा रहा है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह 'खाकी अवतार' आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और आम जनता के बीच उनकी 'Mass Leader' (जननेता) की छवि को और मजबूत करेगा। विपक्षी खेमे में इस बात की चर्चा तेज है कि राहुल लगातार समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को अपना कोर वोटर बना रहे हैं।

ट्रक ड्राइवर से लेकर मैकेनिक तक का सफर

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने अपने अंदाज से सबको चौंकाया हो। अपनी ऐतिहासिक 'भारत जोड़ो यात्रा' के बाद से ही राहुल गांधी लगातार 'भारत के असली कामगारों' से मिल रहे हैं। इससे पहले वे:

  1. ट्रक ड्राइवरों के साथ रात के सन्नाटे में अंबाला से चंडीगढ़ तक का सफर कर चुके हैं।

  2. दिल्ली के करोल बाग में बाइक मैकेनिकों की दुकान पर बैठकर गाड़ियां ठीक करना सीख चुके हैं।

  3. आनंद विहार स्टेशन पर कुलियों का लाल कुर्ता पहनकर उनका भारी सूटकेस अपने सिर पर उठा चुके हैं।

  4. खेतों में जाकर किसानों के साथ धान की रोपाई भी कर चुके हैं।

राहुल गांधी का यह 'ऑटो ड्राइवर' रूप यह साफ संदेश देता है कि वे बंद कमरों की राजनीति के बजाय सीधे जनता की नब्ज टटोलने पर यकीन रख रहे हैं। अब देखना यह है कि जनता के दिलों में उतरने की यह 'खाकी' कोशिश राजनीति के मैदान में कितना बड़ा बदलाव लाती है।

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