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Chhattisgarh ED Raid: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पूर्व निज सचिव के घर छापा
Chhattisgarh ED Raid: मंगलवार सुबह भिलाई-3 की विश्व बैंक कॉलोनी में ED ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निज सचिव केके चंद्रवंशी के आवास पर दबिश दी। टीम ने घर में दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों समेत वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की। हालांकि, ED ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि तलाशी किस मामले से जुड़ी है। कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
Chhattisgarh ED Raid: केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाइयों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार सुबह भिलाई-3 स्थित विश्व बैंक कॉलोनी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निज सचिव केके चंद्रवंशी के आवास पर पहुंची। दो गाड़ियों में पहुंचे अधिकारियों ने आते ही पूरे परिसर को अपने कब्जे में ले लिया और छानबीन शुरू कर दी। अचानक हुई इस रेड की खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते पूरे इलाके में राजनीतिक व प्रशासनिक हलचल तेज हो गई।
किस केस में पड़ी रेड? सस्पेंस बरकरार
फिलहाल ED की टीम घर के भीतर दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागजातों को खंगाल रही है। हालांकि, यह कार्रवाई किस विशिष्ट घोटाले या केस से जुड़ी है—इस पर अधिकारियों ने अभी आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया है। माना जा रहा है कि तलाशी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। केके चंद्रवंशी के यहां हुई इस छापेमारी को राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में केंद्रीय एजेंसियों की जांच का दायरा लगातार भूपेश बघेल के करीबियों तक पहुंचा है।
पहले भी कस चुका है करीबियों पर शिकंजा
2023 की कार्रवाई: ED ने तत्कालीन सीएम के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और उनके दो OSD के परिसरों पर रेड मारी थी। उस वक्त यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टेबाजी (महादेव ऐप) और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जोड़कर देखी गई थी।
2025 में पूर्व सीएम के घर पहुंची टीम: शराब घोटाला मामले में जुलाई 2025 को ED ने भिलाई स्थित भूपेश बघेल के खुद के आवास पर दबिश दी थी। इसी मामले में आगे चलकर उनके बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया था।
हजारों पन्नों की चार्जशीट: 2,100 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में सितंबर 2025 में ED ने चैतन्य बघेल के खिलाफ 7,039 पन्नों की विस्तृत अभियोजन शिकायत दर्ज की थी, जिसमें अवैध पैसों के लेन-देन में उनकी भूमिका का जिक्र था।
कई रसूखदार नाम आ चुके हैं जांच की जद में
छत्तीसगढ़ के चर्चित मामलों में ED की जांच का दायरा केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा है। शराब और कोयला लेवी जैसे मामलों में राज्य के कई बड़े नाम जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं:
शराब घोटाला: इसमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, कारोबारी अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अफसर अनिल टुटेजा और पूर्व आईटीएस अफसर अरुणपति त्रिपाठी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
कोयला लेवी मामला: पूर्व सीएम की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया पर भी ED और EOW का शिकंजा कस चुका है। ED ने उनकी लगभग 39 करोड़ रुपये मूल्य की 29 संपत्तियों को अटैच किया था, जिसके बाद EOW ने भी 16 अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई की।
क्या ठोस सुराग लगता है ED के हाथ
राज्य में हुई ये तमाम कार्रवाइयां अलग-अलग वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों से जुड़ी रही हैं। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि हर कार्रवाई केवल राजनीतिक संबंधों के आधार पर ही हो रही है। फिलहाल, केके चंद्रवंशी के घर पर जांच जारी है। अब देखना यह होगा कि इस छापेमारी के खत्म होने पर ED के हाथ क्या ठोस सुराग या दस्तावेज लगते हैं।