रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दुनिया एक सख्त, रणनीतिक और ताकतवर नेता के रूप में जानती है, लेकिन हाल ही में सामने आई एक मुलाकात ने उनके व्यक्तित्व का बेहद भावुक और मानवीय पहलू दुनिया के सामने ला दिया।
मॉस्को में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब पुतिन अपनी बचपन की स्कूल टीचर वेरा गुरेविच से मिलने खुद कार चलाकर पहुंचे। रूस जैसे शक्तिशाली देश का राष्ट्रपति अपनी पूर्व शिक्षिका को लेने होटल पहुंचे, उन्हें अपनी कार में बैठाकर क्रेमलिन ले गए और साथ में डिनर किया।
इस खास मुलाकात का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे गुरु-शिष्य के रिश्ते की अनोखी मिसाल बता रहे हैं।
दरअसल, रूस में 9 मई को विक्ट्री डे समारोह आयोजित किया गया था, जो दूसरे विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में मनाया जाता है। इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए पुतिन ने अपने जीवन से जुड़े कई खास लोगों को आमंत्रित किया था। उन्हीं में उनकी पूर्व शिक्षिका वेरा गुरेविच भी शामिल थीं, जिन्होंने बचपन में पुतिन को जर्मन भाषा सिखाई थी। बताया जाता है कि आज भी पुतिन जर्मन भाषा काफी अच्छी तरह बोल लेते हैं और इसका श्रेय वे अपनी शिक्षिका को देते हैं।
पुतिन अपनी टीचर से मिलने मॉस्को के उस होटल पहुंचे, जहां वह ठहरी हुई थीं। इसके बाद दोनों ने साथ समय बिताया और क्रेमलिन में डिनर किया। इस मुलाकात ने यह दिखा दिया कि दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में शामिल होने के बावजूद पुतिन आज भी अपने गुरु का सम्मान करना नहीं भूले हैं। यही वजह है कि यह वीडियो अब दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया है।
खुद कार चलाकर होटल पहुंचे पुतिन
कौन हैं वेरा गुरेविच
वेरा गुरेविच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बचपन की शिक्षिका रह चुकी हैं। उन्होंने लेनिनग्राद स्कूल नंबर 193 में पुतिन को पढ़ाया था और वह उनकी क्लास टीचर के साथ-साथ जर्मन भाषा की अध्यापिका भी थीं। पुतिन के शुरुआती जीवन और शिक्षा में वेरा गुरेविच की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। कहा जाता है कि बचपन में पुतिन पढ़ाई के साथ अनुशासन और भाषाओं में भी काफी रुचि रखते थे, जिसमें उनकी शिक्षिका ने उन्हें विशेष रूप से प्रेरित किया।वेरा गुरेविच ने पुतिन को जर्मन भाषा सिखाई थी और आज भी रूसी राष्ट्रपति जर्मन भाषा काफी अच्छी तरह बोल लेते हैं। कई मौकों पर पुतिन अपनी इस क्षमता का श्रेय अपनी स्कूल टीचर को दे चुके हैं। राजनीतिक और कूटनीतिक बैठकों में भी पुतिन को जर्मन भाषा का इस्तेमाल करते देखा गया है। यही वजह है कि वेरा गुरेविच को पुतिन के जीवन के सबसे प्रभावशाली शिक्षकों में गिना जाता है।
जिस लेनिनग्राद शहर में पुतिन ने अपनी पढ़ाई की, उसे आज सेंट पीटर्सबर्ग के नाम से जाना जाता है। यही शहर पुतिन का जन्मस्थान भी है। सोवियत संघ के दौर में इस शहर का नाम लेनिनग्राद था, जिसे बाद में बदलकर सेंट पीटर्सबर्ग कर दिया गया। पुतिन कई बार अपने बचपन, स्कूल के दिनों और शिक्षकों का जिक्र सार्वजनिक मंचों पर कर चुके हैं।वेरा गुरेविच अब काफी बुजुर्ग हो चुकी हैं, लेकिन पुतिन आज भी उन्हें बेहद सम्मान देते हैं। यही सम्मान हाल ही में उस समय देखने को मिला, जब रूसी राष्ट्रपति खुद कार चलाकर अपनी शिक्षिका से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात ने दुनिया को यह संदेश दिया कि चाहे कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा पद क्यों न हासिल कर ले, अपने गुरु और शिक्षकों के प्रति सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए।
विक्ट्री डे परेड में खास मेहमान बनीं टीचर
वीडियो ने जीता लोगों का दिल
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुतिन अपनी शिक्षिका के साथ बेहद सहज और सम्मानजनक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में दोनों बातचीत करते और साथ चलते दिखाई देते हैं। कई लोगों ने इसे “एक राष्ट्रपति का अपने गुरु के प्रति सम्मान” बताया है।दुनियाभर के यूजर्स इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कह रहे हैं कि सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के बाद भी अपने शिक्षक को याद रखना और सम्मान देना एक बड़ी बात है।
पुतिन और उनकी निजी छवि
व्लादिमीर पुतिन को दुनिया आमतौर पर एक सख्त और रणनीतिक नेता के रूप में देखती है। लेकिन यह मुलाकात उनके व्यक्तित्व का एक भावुक और व्यक्तिगत पक्ष भी सामने लाती है। इससे पहले भी पुतिन कई मौकों पर अपने बचपन, स्कूल और शिक्षकों का जिक्र कर चुके हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की मुलाकातें आम लोगों के बीच नेताओं की मानवीय छवि को मजबूत करती हैं। यही वजह है कि पुतिन और उनकी शिक्षिका की यह मुलाकात अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।
