भारतीय कुश्ती जगत में एक बार फिर विवाद और बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।बृजभूषण शरण सिंह और विनेश फोगाट के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से विनेश फोगाट को बाहर किए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब व्यक्तिगत आरोपों और तीखे बयानों तक पहुंच चुका है। पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए विनेश फोगाट पर बेहद तीखा हमला किया और कहा कि “मैं उस गंदगी को साफ कर रहा हूं जो यह महिला अपने पीछे छोड़ गई है।” उनके इस बयान के बाद खेल जगत, राजनीति और सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई है। एक तरफ बृजभूषण खुद को मौजूदा कुश्ती महासंघ के फैसलों से अलग बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विनेश और उनके समर्थक लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि महासंघ में अब भी उनका प्रभाव कायम है।
यह विवाद केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों से भारतीय कुश्ती में चल रहे संघर्ष, खिलाड़ियों के आंदोलन, कोर्ट केस और प्रशासनिक विवादों से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है और भारतीय कुश्ती पर इसका क्या असर पड़ता है। बृजभूषण शरण सिंह और विनेश फोगाटt के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से विनेश फोगाट को बाहर किए जाने के बाद शुरू हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने विनेश फोगाट पर बेहद तीखा हमला किया और कहा कि “मैं उस गंदगी को साफ कर रहा हूं जो यह महिला अपने पीछे छोड़ गई है।” उनके इस बयान के बाद खेल जगत और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
आखिर क्यों भड़के बृजभूषण
विवाद की शुरुआत तब हुई जब विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि उन्हें नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोका गया। विनेश और उनके समर्थकों का आरोप था कि भारतीय कुश्ती महासंघ में अब भी बृजभूषण शरण सिंह का प्रभाव बना हुआ है और उनके इशारे पर खिलाड़ियों के खिलाफ फैसले लिए जा रहे हैं। इन्हीं आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण ने खुद को मौजूदा Wrestling Federation of India के फैसलों से अलग बताया। उन्होंने कहा कि अब उनका महासंघ के कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है और टूर्नामेंट कहां होगा, कौन खेलेगा और कौन नहीं, इसका फैसला मौजूदा WFI करता है। हालांकि इसी दौरान उन्होंने विनेश पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा कि वे “उस गंदगी को साफ कर रहे हैं जो यह महिला पीछे छोड़ गई है।” उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने इसे खिलाड़ियों के सम्मान के खिलाफ बताया, जबकि उनके समर्थकों ने इसे आरोपों का जवाब करार दिया।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि उन्हें नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोका गया। विनेश और उनके समर्थकों का आरोप था कि भारतीय कुश्ती महासंघ में अब भी बृजभूषण शरण सिंह का प्रभाव बना हुआ है और उनके इशारे पर खिलाड़ियों के खिलाफ फैसले लिए जा रहे हैं। इन्हीं आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण ने खुद को मौजूदा Wrestling Federation of India के फैसलों से अलग बताया। उन्होंने कहा कि अब उनका महासंघ के कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है और टूर्नामेंट कहां होगा, कौन खेलेगा और कौन नहीं, इसका फैसला मौजूदा WFI करता है। हालांकि इसी दौरान उन्होंने विनेश पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा कि वे “उस गंदगी को साफ कर रहे हैं जो यह महिला पीछे छोड़ गई है।” उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने इसे खिलाड़ियों के सम्मान के खिलाफ बताया, जबकि उनके समर्थकों ने इसे आरोपों का जवाब करार दिया।
कोर्ट केस और पुराने आरोपों की पृष्ठभूमि
यह विवाद केवल टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ वर्षों से विनेश फोगाट समेत कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों को लेकर देशभर में बड़ा आंदोलन भी हुआ था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों के धरने ने राष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान खींचा था। मामला अदालत तक पहुंचा और जांच एजेंसियों ने भी कार्रवाई की। इसी पृष्ठभूमि में अब जब विनेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने का मुद्दा उठा, तो विवाद फिर से गर्मा गया।
विनेश फोगाट की प्रतिक्रिया
बृजभूषण के बयान पर विनेश फोगाट ने सीधे तौर पर लंबा जवाब नहीं दिया, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर संकेत दिया कि उन्हें लगातार मानसिक दबाव में डालने की कोशिश की जा रही है। विनेश ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि वे “संन्यास ले लें”, लेकिन वह हार मानने वाली नहीं हैं।उन्होंने साफ कहा कि वह अपने सम्मान और खिलाड़ियों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगी। विनेश के करीबी सूत्रों का कहना है कि उन्हें लगता है कि कुश्ती प्रशासन में अब भी पुराने प्रभाव कायम हैं, जिसकी वजह से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
खेल जगत और राजनीति में बढ़ी बहस
बृजभूषण के बयान के बाद खेल जगत में खिलाड़ियों के सम्मान और खेल संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कई पूर्व खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों ने बयान की भाषा पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि यह विवाद अब केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रंग भी ले चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कुश्ती पहले ही लंबे समय से विवादों और प्रशासनिक संकट से गुजर रही है। ऐसे में खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी खेल की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि WFI इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या विनेश फोगाट को भविष्य की प्रतियोगिताओं में मौका मिलता है या नहीं। वहीं, कोर्ट में चल रही कार्यवाही और खिलाड़ियों के आरोपों के बीच यह मामला आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है।
