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ICICI बैंक
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बैंक में सेंधमारी : डिप्टी मैनेजर ने पति के साथ मिलकर रचा ₹1.38 करोड़ का गोल्डन घोटाला

छत्तीसगढ़ के मंगला स्थित ICICI बैंक शाखा में करीब ₹1.38 करोड़ की बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इसमें बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर और उसके पति पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों के सोने के गहने बदलकर नकली रख दिए और असली सोना बेच दिया। इसके अलावा ₹87.95 लाख के फर्जी ट्रांजेक्शन और एक ग्राहक की ₹30 लाख FD से ₹28.29 लाख की अवैध निकासी भी की गई। यह घोटाला अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच धीरे-धीरे किया गया।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
02 May 2026, 11:19 AM
बिलासपुर

विश्वास की नींव पर टिकी बैंकिंग व्यवस्था को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। जिले के मंगला स्थित आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की शाखा में ₹1.38 करोड़ की भारी वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि बैंक की अपनी डिप्टी ब्रांच मैनेजर है, जिसने अपने पति के साथ मिलकर बैंक और ग्राहकों को चूना लगाया।

साजिश का खुलासा: असली सोना गायब, लॉकर में मिले नकली गहने

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब बैंक प्रबंधन ने आंतरिक ऑडिट और दस्तावेजों की गहन जांच की। जब अधिकारियों ने गोल्ड लोन के सुरक्षित पाउच और लॉकर खोले, तो उनके होश उड़ गए। ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए असली सोने के गहनों की जगह वहां नकली आभूषण रखे हुए थे। आरोपी महिला अधिकारी ने बड़ी चालाकी से असली कीमती सामान को बाजार में खपा दिया और रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा कर दिया।

फर्जी हस्ताक्षर और एफडी से छेड़छाड़

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने केवल सोने पर ही हाथ साफ नहीं किया, बल्कि ग्राहकों की मेहनत की कमाई पर भी डाका डाला।

  • फर्जी ट्रांजेक्शन: ग्राहकों के जाली हस्ताक्षर कर ₹87.95 लाख के 14 अवैध लेनदेन किए गए।

  • एफडी पर वार: एक महिला ग्राहक की ₹30 लाख की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को निशाना बनाते हुए, उस पर बिना अनुमति के ओवरड्राफ्ट लिया गया और ₹28.29 लाख निकाल लिए गए।

  • गायब दस्तावेज: जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण निवेश वाउचर और बैंक रिकॉर्ड भी गायब पाए गए, जिन्हें सबूत मिटाने के उद्देश्य से हटाया गया था।

एक साल तक चलता रहा 'खेल'

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह आपराधिक षड्यंत्र अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच अंजाम दिया गया। आरोपियों ने किश्तों में इस हेराफेरी को अंजाम दिया ताकि किसी को शक न हो। बैंक के ब्रांच मैनेजर अरूप पाल की लिखित शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।

पुलिसिया कार्रवाई और फरार आरोपी

सिविल लाइन थाना प्रभारी एस.आर. साहू ने बताया कि आरोपी डिप्टी ब्रांच मैनेजर, उसके पति और अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी (420) और आपराधिक षड्यंत्र (120B) सहित गबन की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

वर्तमान में आरोपी दंपति फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस घोटाले की परतों को पूरी तरह खोला जाएगा। ग्राहकों में इस घटना के बाद हड़कंप मचा हुआ है, वहीं बैंक प्रबंधन अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पुन: जांचने में जुटा है।

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