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कांग्रेस का महा-प्रशिक्षण शिविर
कांग्रेस का महा-प्रशिक्षण शिविर
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मिशन 2028 : रायपुर में कांग्रेस दिग्गजों की पाठशाला,  राहुल सिखाएंगे सियासत के गुर

छत्तीसगढ़ में चुनावी हार के बाद कांग्रेस अब संगठन को मजबूत करने के मिशन में जुट गई है। प्रदेश कांग्रेस जून 2026 के दूसरे पखवाड़े में 41 नए जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए 10 दिवसीय ‘महा-प्रशिक्षण शिविर’ आयोजित करने जा रही है। रायपुर के बाहरी इलाके के किसी रिसॉर्ट या फार्महाउस में होने वाले इस कैंप में पॉलिटिकल स्ट्रैटजी, मीडिया मैनेजमेंट, बूथ सुदृढ़ीकरण और चुनावी रणनीति की ट्रेनिंग दी जाएगी।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 16 May 2026, 12:11 PM · अपडेट: 26 Oct 2026, 06:32 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ में चुनावी शिकस्त के बाद अब कांग्रेस पूरी तरह से संगठनात्मक कायाकल्प और जमीनी स्तर पर खुद को मजबूत करने में जुट गई है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस एक बड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाने जा रही है। नवंबर 2025 में नियुक्त किए गए छत्तीसगढ़ के 41 नए जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए जून के उत्तरार्ध (दूसरे पखवाड़े) में एक 'महा-प्रशिक्षण शिविर' का आयोजन किया जा रहा है।

नियुक्ति के लगभग पांच महीने बाद आयोजित होने जा रहे इस शिविर को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए पार्टी अपने नए सेनापतियों को संगठन की बारीकियों, विचारधारा और आधुनिक चुनावी मैनेजमेंट से लैस करना चाहती है।

10 दिनों तक रिसॉर्ट में कांग्रेस की हाईटेक क्लास

यह कोई सामान्य संगठनात्मक बैठक नहीं, बल्कि एक कड़ा ट्रेनिंग कैंप होने वाला है। जानकारी के मुताबिक, यह प्रशिक्षण शिविर 21 जून से 30 जून तक यानी पूरे 10 दिनों तक चलेगा। मीडिया रिपोर्ट्स और दैनिक भास्कर के अनुसार, इस शिविर को पूरी तरह एकाग्र और प्रभावी बनाने के लिए राजधानी रायपुर के बाहरी इलाके में स्थित किसी निजी रिसॉर्ट या फार्महाउस में आयोजित किया जा सकता है।

10 दिनों के इस लंबे प्रवास के दौरान जिला अध्यक्षों को राजनीति के आधुनिक टूल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • पॉलिटिकल स्ट्रैटजी और इलेक्शन मैनेजमेंट: चुनाव जीतने और माहौल बनाने के आधुनिक तरीके।

  • मीडिया और सोशल मीडिया हैंडलिंग: विपक्षी दलों के नैरेटिव को काटने और जनता तक अपनी बात पहुंचाने की कला।

  • जनसंपर्क और क्राइसिस मैनेजमेंट: स्थानीय स्तर पर जनता के मुद्दों को उठाना और आंतरिक कलह को दूर करना।

राहुल और खड़गे भी लेंगे क्लास

इस ट्रेनिंग कैंप की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं। जिला अध्यक्षों को सीधे केंद्रीय नेतृत्व से संवाद का मौका मिलेगा।

  • केंद्रीय नेतृत्व: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट इस शिविर में विशेष रूप से शिरकत करेंगे और नेताओं को सियासी 'गुर' सिखाएंगे।

  • राज्य नेतृत्व: छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंहदेव जैसे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के चाणक्य भी पूरे समय मौजूद रहकर स्थानीय समीकरणों की समझ विकसित करेंगे।

इन 5 बड़े एजेंडों पर रहेगा मुख्य फोकस

इस प्रशिक्षण शिविर का खाका बेहद रणनीतिक तौर पर तैयार किया गया है। इसके केंद्र में निम्नलिखित बातें रहेंगी:

  1. पहला औपचारिक मूल्यांकन: नवंबर 2025 में नियुक्ति के बाद से अब तक जिला अध्यक्षों के कामकाज का यह पहला आधिकारिक असेसमेंट होगा।

  2. बूथ स्तर का सुदृढ़ीकरण: 'बूथ जीता, चुनाव जीता' के मंत्र पर काम करते हुए संगठनात्मक ढांचे को सबसे निचले स्तर पर मजबूत करने की रणनीति बनेगी।

  3. शीर्ष नेतृत्व से सीधा संवाद: जिला स्तर के नेताओं को दिल्ली के बड़े नेताओं से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे उनके भीतर का संकोच दूर होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

  4. भविष्य के चुनावों का रोडमैप: आगामी नगरीय निकाय, पंचायत और भविष्य के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से एक ठोस और आक्रामक रणनीति तैयार की जाएगी।

  5. 'परफॉर्मेंस' से तय होगा भविष्य: इस शिविर में नेताओं की सक्रियता, सीखने की क्षमता और उनके पुराने काम के ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर संगठन में उनकी भविष्य की भूमिका और जिम्मेदारी तय की जाएगी। यानी जो परफॉर्म करेगा, वही आगे बढ़ेगा।

राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस का यह कदम बेहद सूझबूझ भरा है। जिला अध्यक्ष सीधे जमीन से जुड़े होते हैं; अगर वे हाईटेक, वैचारिक रूप से मजबूत और ऊर्जावान होंगे, तो पूरी पार्टी में नई जान फूंकी जा सकती है। जून का यह शिविर छत्तीसगढ़ की राजनीति में कांग्रेस के 'कमबैक' की नींव रख सकता है।
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