लाउडस्पीकर विवाद पर बवाल : पुलिस चौकी पर पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़, पैरामिलिट्री फोर्स तैनात
लाउडस्पीकर की आवाज कम कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार रात हिंसक झड़प में बदल गया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस चौकी पर पथराव किया और वाहनों में तोड़फोड़ की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इलाके में भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी है।
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कीर्तिमान न्यूज
16 May 2026, 09:51 AM
📍 पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर आसनसोल में लाउडस्पीकर की आवाज कम कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार रात को हिंसक झड़प में बदल गया। शहर के रेलपार इलाके में आक्रोशित भीड़ ने न सिर्फ पुलिस चौकी को निशाना बनाया, बल्कि जमकर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ भी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इलाके में भारी तनाव को देखते हुए अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) को तैनात कर दिया गया है।
राज्य सरकार के हालिया निर्देशों के तहत, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने आसनसोल के विभिन्न संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाकों में लाउडस्पीकर की आवाज को निर्धारित सीमा में रखने की अपील की थी। इसी सिलसिले में शुक्रवार दिन में रेलपार इलाके में पुलिस अधिकारियों और स्थानीय गणमान्य लोगों के बीच एक बैठक भी हुई थी, जिसमें नियमों के पालन की बात कही गई थी।
हालांकि, यह बातचीत बेअसर रही। शाम ढलते ही इस निर्देश के विरोध में माहौल गरमा गया और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।
पुलिस चौकी पर हमला, वाहनों को बनाया निशाना
रात होते-होते आक्रोशित भीड़ रेलपार स्थित पुलिस चौकी पर पहुंच गई। चश्मदीदों के मुताबिक, भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने अचानक पुलिस चौकी पर पथराव शुरू कर दिया।
वाहनों में तोड़फोड़: उपद्रवियों ने चौकी के बाहर खड़े पुलिस के वाहनों और आम जनता की गाड़ियों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिसकर्मी घायल: इस अचानक हुए पथराव में ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है।
हालात पर काबू पाने की कार्रवाई: भीड़ के हिंसक रूप को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया। उग्र भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद उपद्रवी तितर-बितर हुए।
चप्पे-चप्पे पर पैरामिलिट्री और CCTV से निगरानी
घटना के बाद पूरे रेलपार और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल के साथ पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियों को तैनात कर दिया गया है। इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है।
अधिकारियों का क्या कहना है?
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिप्टी कमिश्नर (DCP) वीजी सतीश पसुमार्थी ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया:
"फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं। हम घटना स्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि उपद्रवियों की पहचान की जा सके। इस हिंसा और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"
पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल पुलिस संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।