दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां महज एक मोबाइल फोन न मिलने पर एक कलयुगी बेटे ने अपने ही माता-पिता पर हसिए (धारदार हथियार) से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में मां जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है, वहीं पिता भी घायल हुए हैं। घटना के बाद आक्रोशित और डरे हुए पड़ोसियों ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी बेटे को रस्सी से बांधा और पुलिस के हवाले किया।
जामुल निवासी दिनेश साहू (50 वर्ष) और उनकी पत्नी खिलेश्वरी साहू (47 वर्ष) अपने बेटे राकेश साहू को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, राकेश का मानसिक इलाज कुरुद स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इसी सिलसिले में माता-पिता उसे डॉक्टर के पास ले जाने वाले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस बेटे के ठीक होने की दुआ वो मांग रहे हैं, वही उन पर काल बनकर टूटेगा।
विवाद की वजह
अस्पताल निकलने से ठीक पहले राकेश ने अपने पिता से मोबाइल फोन मांगा।
पिता दिनेश ने उसे समझाते हुए कहा कि "अस्पताल से लौटने के बाद मोबाइल दे दूंगा।"
बस इतनी सी बात पर राकेश का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने आव देखा न ताव, घर में रखा धारदार हसिया उठाया और अपने ही पिता पर हमला कर दिया। जब मां बीच-बचाव करने आई, तो उसने मां पर भी ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।
चीख-पुकार सुन दौड़े पड़ोसी
पड़ोसियों की बहादुरी: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसियों ने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने इकट्ठा होकर आरोपी राकेश को चारों तरफ से घेरा और कड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़कर रस्सी से कसकर बांध दिया, ताकि वह किसी और को नुकसान न पहुंचा सके।
रायपुर मेकाहारा रेफर, मां की हालत नाजुक
वारदात के तुरंत बाद घायल माता-पिता और रस्सी से बंधे आरोपी बेटे को सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया:
| घायल व्यक्ति | वर्तमान स्थिति | अस्पताल |
| खिलेश्वरी साहू (मां) | हालत अत्यंत गंभीर और चिंताजनक (गहरे जख्म) | मेकाहारा अस्पताल, रायपुर (रेफर किया गया) |
| दिनेश साहू (पिता) | हालत खतरे से बाहर, स्थिति स्थिर | लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, सुपेला |
| राकेश साहू (आरोपी बेटा) | मानसिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की निगरानी में | मेकाहारा अस्पताल, रायपुर (भर्ती) |
सीएसपी ने दी विस्तृत जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही जामुल थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर पड़ोसियों के बयान दर्ज किए हैं।
भिलाई नगर के सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
"शुरुआती जांच में विवाद का कारण सिर्फ मोबाइल फोन ही सामने आया है। बेटा मोबाइल के लिए अड़ा था, और परिजनों द्वारा बाद में देने की बात कहने पर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल घायल मां और आरोपी बेटे दोनों को रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहां पुलिस अभिरक्षा में उनका इलाज और आगे की जांच जारी है।"
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी की मानसिक स्थिति के पीछे कोई और गंभीर वजह थी या यह अचानक उपजा आक्रोश था। मामले में जानलेवा हमले की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

