मोमिनुल हक ने पाकिस्तान के खिलाफ ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपने 5,000 रन पूरे कर लिए। बांग्लादेश क्रिकेट इतिहास में यह मुकाम हासिल करने वाले वह केवल तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि अपनी दूसरी पारी के दौरान अर्धशतकीय पारी खेलते हुए हासिल की।
पाकिस्तान के खिलाफ मैच के चौथे दिन बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 15 रन के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया था। ऐसे मुश्किल समय में बल्लेबाजी के लिए उतरे मोमिनुल हक ने कप्तान नजमुल हुसैन शांतो के साथ पारी को संभाला और शानदार संयम दिखाया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 105 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला।मोमिनुल ने इस दौरान धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए 120 गेंदों का सामना किया और 4 चौकों की मदद से 56 रन बनाए। इसी पारी के दौरान उन्होंने अपने टेस्ट करियर के 5,000 रन भी पूरे किए। हालांकि अर्धशतक पूरा करने के बाद वह बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके और आउट होकर पवेलियन लौट गए, लेकिन उनकी यह पारी टीम के लिए बेहद अहम साबित हुई।
बांग्लादेश क्रिकेट में खास उपलब्धि
टेस्ट क्रिकेट में 5,000 रन का आंकड़ा छूना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। बांग्लादेश की ओर से अब तक केवल तीन बल्लेबाज ही यह मुकाम हासिल कर पाए हैं। इस सूची में सबसे ऊपर अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम का नाम दर्ज है, जिन्होंने 101 टेस्ट मैचों की 186 पारियों में 6,590 से अधिक रन बनाए हैं। दूसरे स्थान पर पूर्व कप्तान तमीम इकबाल हैं, जिनके नाम 5,134 रन दर्ज हैं। अब मोमिनुल हक भी इस प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हो गए हैं।
2012 में किया था टेस्ट डेब्यू
मोमिनुल हक ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत साल 2012 में वेस्टइंडीज के खिलाफ की थी। अपने शांत स्वभाव और तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले मोमिनुल ने धीरे-धीरे खुद को बांग्लादेश टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल किया।अब तक खेले गए 76 टेस्ट मैचों की 141 पारियों में उन्होंने 38.21 की औसत से 5,006 रन बनाए हैं। उनके नाम 13 शतक और 27 अर्धशतक दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 181 रन रहा है। खास बात यह भी है कि वह अपने करियर में 10 बार नाबाद लौटे हैं।
टीम के लिए संकटमोचक बने मोमिनुल
हाल के वर्षों में मोमिनुल हक का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा जरूर रहा, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता रखते हैं। जब शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए थे, तब उन्होंने जिम्मेदारी लेते हुए संयमित बल्लेबाजी की और कप्तान शांतो के साथ साझेदारी कर बांग्लादेश को मुकाबले में बनाए रखा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में 5,000 रन पूरे करना न केवल उनकी निरंतरता का प्रमाण है, बल्कि यह बांग्लादेश क्रिकेट के विकास की कहानी भी दर्शाता है। आने वाले समय में मोमिनुल के पास तमीम इकबाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर बांग्लादेश के दूसरे सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज बनने का भी मौका रहेगा।
मुशफिकुर रहीम बांग्लादेश क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने लंबे समय तक टीम की बल्लेबाजी को मजबूती दी है और विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 6,500 से अधिक रन दर्ज हैं, जो बांग्लादेश की ओर से सबसे ज्यादा हैं। मुशफिकुर रहीम अपनी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी, संघर्षशील स्वभाव और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने कई बार कप्तानी की जिम्मेदारी भी निभाई और बांग्लादेश क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
