जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 7 बजे ईश्वर कुमार और टंकधर रात्रे भालुडोंगरी क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि एक मादा नीलगाय कुत्तों के हमले से कमजोर हो चुकी थी। दोनों ने कुल्हाड़ी से वार कर उसे मार डाला।
खेत में ले जाकर मांस पकाने लगे, तभी पहुंची टीम
नीलगाय को मारने के बाद आरोपी उसे पास के खेत में ले गए और मांस पकाने की तैयारी करने लगे। इस दौरान अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। इसी बीच किसी ने वन विभाग को सूचना दे दी। वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जोहित झरेखा को मौके से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद सुरेंद्र झरेखा को भी हिरासत में लिया गया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में केस दर्ज
आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी ईश्वर कुमार, टंकधर रात्रे, सचिन प्रधान और विद्याधर प्रधान फरार हैं। वन विभाग की टीम उनकी तलाश कर रही है।
4 साल की थी मादा नीलगाय
वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला ने बताया कि मृत नीलगाय की उम्र करीब 4 वर्ष थी। चश्मदीद ग्रामीण महिलाओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।

