रायसेन जिले में अंधविश्वास और लालच से जुड़ी एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। गैरतगंज से 7 जुलाई से लापता साहूकार और प्रतिष्ठित व्यापारी विजय जैन की दफीना (गड़ा हुआ धन) निकालने के चक्कर में कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए छह दिनों के भीतर इस अंधे कत्ल का खुलासा कर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं कुछ अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
3 करोड़ डकैती के बाद संभाला कारोबार
कृत्रिम आंख से हुई शव की पहचान
विजय जैन की गुमशुदगी की रिपोर्ट 9 जुलाई को दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी थी। 13 जुलाई को ग्राम परासिया के पास नदी किनारे मिट्टी में दबा हुआ एक शव मिला, जिसके हाथ-पैर बाहर दिखाई दे रहे थे। आरोपियों ने हत्या के बाद शव को गड्ढे में दफना दिया था। घटनास्थल से मिले कपड़े, मोबाइल और कृत्रिम (पत्थर की) आंख के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान विजय जैन के रूप में की।
दफीना बलि मांग रहा है’ कहकर रची साजिश
दफीना के बहाने ले गए, कर दी हत्या
पुलिस के मुताबिक 7 जुलाई को प्रहलाद साहू अपने साथियों करीम खान और बेटे टीकम साहू के साथ विजय जैन को मोटरसाइकिल से परासिया नदी किनारे ले गया। वहां तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान प्रहलाद ने कहा कि “धरती गर्म हो रही है, दफीना बलि मांग रहा है।”
कुल्हाड़ी समेत सामान बरामद, जांच जारी
इसके बाद तीनों आरोपियों ने विजय को पकड़कर कुल्हाड़ी से गर्दन काट दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, फावड़ा, बाइक और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।