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डीएमएफ शासी परिषद की कार्ययोजना बैठक
डीएमएफ शासी परिषद की कार्ययोजना बैठक
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संरक्षण पर फोकस : खनन प्रभावित क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और स्थायी आजीविका सृजन की दिशा में बड़ा कदम

कोरबा में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की, जबकि मुख्य उपस्थिति मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद ज्योत्सना महंत और अन्य जनप्रतिनिधियों की रही। बैठक में बताया गया कि डीएमएफ कोरबा जिले के विकास का प्रमुख आधार बन चुका है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कार्य हो रहे हैं। मंत्री ने सभी कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
12 May 2026, 12:48 PM
📍 रायपुर

छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की मुख्य उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद ज्योत्सना महंत, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया सहित शासी परिषद के सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने की। बैठक में मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ योजना की व्यवस्था की है, जिससे कोरबा जिले को बड़ी राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ अब जिले की प्रगति का मजबूत आधार बन चुका है और शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अधोसंरचना विकास जैसे कार्यों को इससे गति मिली है।

उन्होंने बताया कि स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण के साथ शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। साथ ही निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

जनप्रतिनिधियों ने किया डीएमएफ के प्रभावी उपयोग पर जोर

सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं अन्य आवश्यक क्षेत्रों में जहां भी आवश्यकता हो, वहां इस फंड का प्रभावी उपयोग होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष बल दिया।

कलेक्टर ने प्रस्तुत की 2026-27 कार्ययोजना और पारदर्शिता पर जोर

कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने बताया कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्धारित केपीआई के अनुरूप तैयार की गई है। उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को विशेष महत्व दिया गया है और सभी कार्य समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि डीएमएफ शिकायतों के निराकरण हेतु टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है तथा निर्माण पोर्टल के माध्यम से सभी परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी की जा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, खेल एवं अधोसंरचना सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

खनिज संपदा से जनकल्याण की दिशा में 2026-27 की विस्तृत योजना

बैठक में जानकारी दी गई कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए 5 विकास खंडों के 782 गाँवों में बेसलाइन सर्वे के माध्यम से आगामी पाँच वर्षों की परिप्रेक्ष्य योजना तैयार की जा रही है। वर्ष 2026-27 में 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल—के लिए निर्धारित की गई है। शिक्षा क्षेत्र में 16 पीएम स्कूलों में वर्चुअल रियलिटी लैब और नीट-जेईई कोचिंग सुविधा हेतु 255 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 67.18 करोड़ रुपये से मोबाइल मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। पेयजल समस्या के समाधान हेतु 150 नए ट्यूबवेल और सौर ऊर्जा संचालित पंप लगाए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के लिए एंटी-स्मॉग गन और वृक्षारोपण के माध्यम से ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में सतत विकास, बेहतर जीवन स्तर और आत्मनिर्भर आजीविका के अवसर सुनिश्चित करना है।
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