देश के कई हिस्सों में गर्मी अब खतरनाक स्तर तक पहुंचती दिखाई दे रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 18 से 23 मई तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और आसपास के कई इलाकों में भीषण लू और अत्यधिक गर्मी का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है, जिससे हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाएगा। इसी बीच AIIMS के डॉक्टरों और डाइट विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में खानपान और दिनचर्या में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है।
4 राज्यों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार इस बार उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी का असर सामान्य से कहीं ज्यादा देखने को मिल सकता है। दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई हिस्सों में लगातार तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं, जिससे बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में “हीट वेव” से लेकर “सीवियर हीट वेव” जैसी स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि लगातार कई दिनों तक अत्यधिक गर्मी रहने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे मौसम में बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए लोगों को अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचने और दिनचर्या में बदलाव करने की सलाह दी गई है।
AIIMS की चेतावनी
AIIMS के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार तेज गर्मी शरीर के तापमान नियंत्रण सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। जब शरीर का तापमान सामान्य सीमा से अधिक बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता, तब हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। यह स्थिति कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है। तेज सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना, शरीर में ऐंठन, तेज बुखार, उलझन, बेहोशी या असामान्य व्यवहार जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सावधान हो जाना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर पानी देना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि गर्मी में शरीर से लगातार पानी और नमक निकलता रहता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट लेना बेहद जरूरी है।
गर्मी में क्या खाना चाहिए
AIIMS की चीफ डाइटिशियन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गर्मी के मौसम में हल्का, ताजा और पानी से भरपूर भोजन करना चाहिए। ऐसा भोजन शरीर को अंदर से ठंडक देता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता। विशेषज्ञों ने छाछ, नींबू पानी, जलजीरा, आम पन्ना, सत्तू ड्रिंक, नारियल पानी और बेल के शरबत जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों को बेहद फायदेमंद बताया है। इनके सेवन से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और गर्मी का असर कम होता है। इसके अलावा खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, लौकी और तोरई जैसी सब्जियां और फल शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक दही, मूंग दाल की खिचड़ी और हल्का भोजन गर्मी में पाचन तंत्र को भी सही रखते हैं। गर्मी में ज्यादा भारी और तेल-मसाले वाला खाना शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है, इसलिए हल्का और सुपाच्य भोजन लेना ज्यादा बेहतर माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बना रहे।
क्या नहीं खाना चाहिए
डॉक्टरों ने कुछ खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह भी दी है क्योंकि ये शरीर में गर्मी और डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं। ज्यादा मसालेदार भोजन, तला-भुना खाना, जंक फूड और अत्यधिक तेलयुक्त चीजें गर्मी में शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। बहुत ज्यादा चाय और कॉफी पीने से भी शरीर में पानी की कमी हो सकती है। शराब और अधिक शक्कर वाले कोल्ड ड्रिंक्स भी शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक बाहर रखा हुआ खाना खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। AIIMS के डॉक्टरों ने कहा कि गर्मी के मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, इसलिए हमेशा ताजा भोजन ही खाना चाहिए। कमरे के तापमान पर कई घंटों तक रखा भोजन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। डॉक्टरों ने लोगों को बाहर का अस्वच्छ खाना खाने से भी बचने की सलाह दी है।
लोगों को ज्यादा खतरा
डॉक्टरों के अनुसार कुछ लोग गर्मी से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इनमें बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज मरीज, हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग और हृदय रोगी शामिल हैं। इसके अलावा बाहर धूप में लंबे समय तक काम करने वाले मजदूर, डिलीवरी कर्मचारी और ट्रैफिक पुलिस जैसे लोग भी ज्यादा जोखिम में रहते हैं। इन लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी साथ रखें। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को बंद और गर्म कमरों में लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
गर्मी से बचने के लिए जरूरी उपाय
AIIMS और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे जरूरी है। केवल प्यास लगने पर पानी पीना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि समय-समय पर पानी और इलेक्ट्रोलाइट लेते रहना चाहिए। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि शरीर को हवा मिलती रहे। धूप में निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढंकना चाहिए। खाली पेट धूप में निकलने से बचना चाहिए क्योंकि इससे कमजोरी और चक्कर आने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि तेज धूप में ज्यादा मेहनत वाले काम करने से बचना चाहिए। घरों को ठंडा और हवादार रखने की कोशिश करनी चाहिए। ORS, नींबू पानी और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स का सेवन शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है। डॉक्टरों ने लोगों से यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में हीटस्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत मेडिकल सहायता लें और लापरवाही न करें।
बढ़ती गर्मी बनी चुनौती
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार गर्मी सामान्य से अधिक तीव्र हो सकती है। जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीट वेव की घटनाएं पहले की तुलना में ज्यादा खतरनाक होती जा रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ी हैं। आने वाले समय में लोगों को गर्मी से बचाव के प्रति और ज्यादा जागरूक होना पड़ेगा। खानपान, जीवनशैली और दिनचर्या में छोटे बदलाव करके ही भीषण गर्मी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। डॉक्टरों और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सलाहों का पालन करने की अपील की है, ताकि लू और हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सके।

