8th Pay Commission: अगर आप भी 8वें वेतन आयोग और पेंशन को लेकर सोशल मीडिया पर तैर रही तरह-तरह की खबरों से परेशान हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी हो सकती है। पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि सरकार कुछ रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन बंद करने जा रही है। इतना ही नहीं, यह भी कहा गया कि 2026 के बाद रिटायर होने वाले लोगों को ही पेंशन रिवीजन का लाभ मिलेगा।
वीडियों जारी कर की अपील
इन दावों ने लाखों पेंशनभोगियों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन अब इस पूरे मामले पर नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम (NC-JCM) की तरफ से स्थिति साफ कर दी गई है। एनसी-जेसीएम (स्टाफ साइड) के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने इन सभी खबरों का खंडन करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर पेंशनर्स से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही इस तरह की किसी भी भ्रामक जानकारी पर यकीन न करें।
पेंशन सुचारू रूप से रहेगी जारी
मिश्रा ने बताया कि कई पेंशनर्स ने उनके नाम से वायरल हो रहे फर्जी संदेशों को लेकर उनसे संपर्क किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो किसी की पेंशन बंद हो रही है और न ही पुराने पेंशनर्स को रिवीजन की प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है। पेंशन सुचारू रूप से जारी रहेगी और इसके सुधार पर लगातार बातचीत चल रही है। वायरल संदेशों में एक बड़ा दावा यह भी था कि 8वें वेतन आयोग का फायदा सिर्फ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 2026 के बाद रिटायर होंगे।पेंशनर्स के मुद्दे भी रखे जा रहे प्रमुखता से
इस पर विराम लगाते हुए शिव गोपाल मिश्रा ने साफ किया कि आयोग के समक्ष पहले से रिटायर्ड कर्मचारियों और भविष्य में रिटायर होने वाले कर्मचारियों, दोनों के मामलों पर चर्चा जारी है। फिलहाल ऐसा कोई नियम या फैसला नहीं आया है जो पुराने पेंशनर्स को पेंशन संशोधन से अलग करता हो। कर्मचारी संगठनों की तरफ से 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारियों के वेतन के साथ-साथ पेंशनर्स से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से रखे जा रहे हैं।
आयोग का गठन संरचना की समीक्षा के लिए
एनसी-जेसीएम की माँग है कि वर्तमान में पेंशन ले रहे सभी पूर्व कर्मचारियों और फैमिली पेंशनर्स को पेंशन रिवीजन के दायरे में पूरी तरह शामिल किया जाए। गौरतलब है कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन संरचना की समीक्षा के लिए किया गया है।
प्रभावित संख्या: इसका सीधा असर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा।
आयोग की कमान: सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई इस आयोग की अध्यक्षता कर रही हैं।
समयसीमा: आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके सौंपने के लिए 18 महीने की अवधि दी गई है।
अनपुष्ट संदेशों पर न करें भरोसा
फिलहाल यह बताना संभव नहीं है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। अंतिम आंकड़ा आयोग की सिफारिशों और उस पर केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। सोशल मीडिया के दौर में फर्जी और भ्रामक खबरें बहुत तेजी से फैलती हैं। ऐसे में पेंशनर्स को सलाह दी जाती है कि वे व्हाट्सएप या अन्य प्लेटफॉर्म पर आने वाले अनपुष्ट संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी खबर की सच्चाई जांचने के लिए केवल आधिकारिक सरकारी बयानों, पंजीकृत यूनियन हैंडल या विश्वसनीय समाचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।

