जिले के ग्राम नवापारा निवासी अनुभवी कृषक मान सिंह कंवर कृषि क्षेत्र में बदलाव की नई कहानी बयां कर रहे हैं। लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि में खेती करने वाले कंवर का मानना है कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक और सामाजिक मजबूती का आधार है। वर्षों के अनुभव के आधार पर वे बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में कृषि व्यवस्था में कई सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। कंवर ने बताया कि पहले किसानों को खाद, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
समय पर कृषि आदान सामग्री नहीं मिलने से खेती की तैयारियां प्रभावित होती थीं। लेकिन अब शासन की किसान हितैषी योजनाओं और बेहतर प्रबंधन के कारण स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। इससे किसानों का खेती के प्रति विश्वास और उत्साह दोनों बढ़े हैं।
खरीफ सीजन में समय पर मिल रही कृषि सामग्री
उन्होंने कहा कि वर्तमान खरीफ सीजन में किसानों को आवश्यक खाद, बीज और उर्वरक सरल प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। समय पर सामग्री मिलने से किसान बिना किसी बाधा के खेती की तैयारी कर पा रहे हैं। इससे न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि किसानों की लागत और समय की भी बचत होगी। कंवर ने बताया कि अब खेती-किसानी की अधिकांश जिम्मेदारी उनके बच्चों द्वारा संभाली जा रही है। हालांकि बढ़ती उम्र के बावजूद उनका खेती से जुड़ाव आज भी पहले जैसा ही है। वे नियमित रूप से कृषि संबंधी जानकारियां प्राप्त करते हैं और परिवार के सदस्यों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।आधुनिक तकनीक अपनाने से बढ़ेगी आय
अनुभवी किसान मान सिंह कंवर का कहना है कि बदलते समय के साथ कृषि पद्धतियों में भी बदलाव जरूरी है। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन क्षमता बढ़ा सकते हैं और खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती और नवीन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। नैनो उर्वरकों पर अपने अनुभव साझा करते हुए कंवर ने कहा कि यह तकनीक किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इनके उपयोग से कम लागत में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं, फसलों की वृद्धि बेहतर होती है और पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में इनका उपयोग अधिक सुविधाजनक है। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरक मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
किसानों को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
कंवर का मानना है कि शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधार, समय पर संसाधनों की उपलब्धता और आधुनिक तकनीकों के प्रसार से किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यदि किसान नई तकनीकों और वैज्ञानिक खेती को अपनाते रहें, तो आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र और अधिक समृद्ध तथा लाभकारी बन सकता है।
