देशभर में मानसून सक्रिय होते ही आंधी और भारी बारिश का दौर तेज हो गया है। मध्य प्रदेश के हरदा और खरगोन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि बैतूल में एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं चंपा नदी के तेज उफान में बाइक सवार दो युवक बह गए। दूसरी तरफ बिहार में भी बिजली गिरने के कारण पांच लोगों की जान चली गई है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में मंगलवार शाम पिकनिक मनाने गए तीन लोग बरसाती नाले के तेज बहाव की चपेट में आ गए, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और एक घायल हो गया।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, उत्तराखंड में अलर्ट
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। देहरादून में रिस्पना नदी पूरे उफान पर है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने

देश के छब्बीस राज्यों में पहुंचा मानसून
मानसून ने मंगलवार दोपहर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एंट्री यानी प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही मानसून ने देश के छब्बीस राज्यों को अपने दायरे में ले लिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बचे हुए हिस्सों में भी पहुंच जाएगा। हालांकि वैज्ञानिकों ने यह भी अंदेशा जताया है कि जुलाई के महीने में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से थोड़ी कम बारिश हो सकती है।
जून महीने में दर्ज की गई रिकॉर्ड कम बारिश
इस साल जून के महीने में देश में बेहद कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार साल 1901 के बाद यह पांचवीं बार है जब जून में इतनी कम बारिश हुई है। आमतौर पर जून में एक सौ पैंसठ दशमलव तीन मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार केवल निन्यानवे दशमलव पांच मिलीमीटर पानी ही गिरा। यह सामान्य से करीब चालीस प्रतिशत कम है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक समुद्र में तापमान के बदलाव यानी अल नीनो के असर के कारण इस साल जून में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है।