छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के नगर पंचायत कोपरा में रविवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। घर के बाहर खेल रहे मासूम भाई-बहन की बारिश के पानी से भरे घुरवा गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। लगातार हो रही बारिश के कारण कचरा फेंकने के लिए बनाए गए इस गहरे गड्ढे में करीब 10 से 12 फीट तक पानी भर गया था। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और मासूम बच्चों की असमय मौत को लेकर गहरा दुख जता रहे हैं। घर के पास खेलते-खेलते गहरे गड्ढे तक पहुंच गए दोनों बच्चे
घर के बाहर खेलते-खेलते घुरवा गड्ढे में गिर गए
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत कोपरा के तर्रा रोड निवासी बिसेलाल साहू के पोते योगेश साहू और पोती सुमन साहू रविवार को बारिश थमने के बाद घर के बाहर खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे घर के समीप बने घुरवा गड्ढे के पास पहुंच गए। आशंका है कि गड्ढे के किनारे की मिट्टी बारिश के कारण फिसलन भरी हो गई थी। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और दोनों गहरे पानी में जा गिरे। गड्ढे में पानी अधिक होने और आसपास तत्काल कोई मौजूद नहीं होने के कारण दोनों बच्चे बाहर नहीं निकल सके।
ग्रामीणों ने की घेराबंदी की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई जगह ऐसे खुले और गहरे घुरवा गड्ढे मौजूद हैं, जिनमें बारिश के दौरान पानी भर जाता है और वे दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी गड्ढों की तत्काल घेराबंदी कराई जाए, वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बच्चे काफी समय से घर नही लौटेने पर तलाश
जब काफी देर तक नजर नहीं आए तो परिजनों ने शुरू की तलाश जब काफी समय बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चे घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। पहले आसपास के घरों और मोहल्ले में उनकी तलाश की गई, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद ग्रामीणों को सूचना दी गई और सभी ने मिलकर बच्चों की खोज शुरू की। काफी देर तक खोजबीन के बाद लोगों की नजर घर के पास स्थित घुरवा गड्ढे पर गई। वहां तलाश करने पर दोनों बच्चे पानी में मिले, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
काफी देर होने पर दोनों मासूम की मौत हो गई
ग्रामीणों ने तत्काल बाहर निकाला, लेकिन तब तक हो चुकी थी मौत ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए दोनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला और उनकी जान बचाने की कोशिश की। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना की खबर मिलते ही आसपास बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। बच्चों के शव देखकर परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।