गरियाबंद जिले में अवैध रूप से रासायनिक खाद के परिवहन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएपी खाद से भरे एक मेटाडोर को जब्त किया है। वाहन से कुल 280 बोरी डीएपी खाद बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद जिले में खाद की अवैध तस्करी और कालाबाजारी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है। पुलिस टीम रात्रि गश्त पर थी, इसी दौरान संदेह के आधार पर एक मेटाडोर को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में डीएपी खाद लदी मिली। दस्तावेजों की जांच और पूछताछ में परिवहन को लेकर कई मुश्किले आने पर पुलिस ने वाहन सहित 280 बोरी खाद जब्त कर ली।
किसानों के हितों से जुड़ा है मामला
कृषि सीजन के दौरान डीएपी जैसी उर्वरकों की मांग सबसे अधिक रहती है। ऐसे समय में यदि खाद की अवैध जमाखोरी या कालाबाजारी होती है तो इसका सीधा असर किसानों पर पड़ता है। किसानों को या तो समय पर खाद नहीं मिल पाती या फिर उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। यही वजह है कि प्रशासन ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहा है।

चालक ने पूछताछ में किया अहम खुलासा
खाद की कमी के बीच बढ़ रही कालाबाजारी
जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण इस वर्ष रासायनिक खाद के उत्पादन और आपूर्ति पर असर पड़ा है। सरकारी स्तर पर खाद की उपलब्धता कम होने से बाजार में मांग बढ़ी है। इसी का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध परिवहन और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
