ओडिशा से कारों के जरिए गांजा लेकर महाराष्ट्र जा रहे तस्करों की योजना गरियाबंद जिले में नाकाम हो गई। देवभोग पुलिस ने अंतरराज्यीय खुटगांव चेक पोस्ट पर लगातार चल रही जांच के दौरान दो अलग-अलग वाहनों से कुल 48.300 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इस कार्रवाई में दो चारपहिया वाहन और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 31.31 लाख रुपये बताई गई है, जिसमें गांजे की कीमत लगभग 24 लाख रुपये आंकी गई है। थाना प्रभारी फैजुल हुदा शाह के अनुसार, 29 और 30 जून 2026 को देवभोग पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए खुटगांव अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर विशेष जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान ओडिशा और महाराष्ट्र की दिशा से आने वाले संदिग्ध वाहनों की बारीकी से जांच की गई।
दो कारो से मिली अधिक मात्रा में गांजा
तलाशी के दौरान दो कारों में बड़ी मात्रा में गांजा मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पहली कार्रवाई में कार क्रमांक CG 08 AA 2218 की डिक्की में रखी प्लास्टिक की बोरी से 8.100 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इसके बाद दूसरी कार्रवाई में मारुति रिट्ज (MH 51 A 2012) की तलाशी ली गई, जिसमें वाहन के भीतर छिपाकर रखी गई दो प्लास्टिक की बोरियों से 40.200 किलोग्राम गांजा मिला। पुलिस का कहना है कि तस्करों ने गांजे को इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच के दौरान उस पर आसानी से संदेह न हो। इस मामले में पुलिस ने जितेंद्र बोलकेकर (41) निवासी नेवरे, जिला दुर्ग, परसू राम पोड़ (35) निवासी ग्राम आरस्ता, जिला सांगली (महाराष्ट्र) तथा पंकज वाघमोडे (34) निवासी कोकलेरू, जिला सांगली (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ कर तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।पुलिस ने तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद 48.300 किलोग्राम गांजा, दोनों कारें और चार मोबाइल फोन जब्त कर थाना देवभोग में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजे की खेप ओडिशा के किस क्षेत्र से लाई गई थी और महाराष्ट्र में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही इस तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।