मां लक्ष्मी गौ रक्षक सेवा समिति, भिलाई ने नगर निगम प्रशासन को शिकायत सौंपकर कोसा नगर गौशाला की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति के अनुसार, उनके सदस्य रोज की तरह गौ माता की सेवा और चारा खिलाने के लिए गौशाला पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें वहां एक ऐसा दृश्य दिखाई दिया, जिसने सभी को चौंका दिया। समिति का कहना है कि गौशाला का संचालन और रखरखाव भिलाई नगर निगम के अधीन है।
मृत बछड़े के शरीर में भूसा भरकर निकाला दूध
समिति का आरोप है कि गौशाला में एक मृत बछड़े के शरीर में भूसा भरकर उसे गाय के सामने रखा गया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि गाय उसे अपना जीवित बछड़ा समझकर दूध दे सके। समिति ने दावा किया कि इस तरीके का उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह पशु कल्याण के नियमों और गौ सेवा की भावना के खिलाफ है।
अंतिम संस्कार के बजाय किया गया इस्तेमाल
शिकायत में कहा गया है कि किसी भी मृत बछड़े का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए। इसके बजाय उसके शव का इस तरह उपयोग करना अमानवीय और संवेदनहीन है। समिति का आरोप है कि अधिक दूध प्राप्त करने के उद्देश्य से कुछ कर्मचारी इस तरीके को अपना रहे हैं। उन्होंने इसे धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित बताया है।..
जांच कर कार्रवाई की मांग
समिति ने नगर निगम और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकेगी और गौशालाओं की व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहेगा।
समिति अध्यक्ष ने जताया विरोध
समिति के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि कोसा नगर गौठान में उन्हें मृत बछड़े से तैयार किया गया पुतला मिला। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्य प्रतिदिन गौशाला जाकर गायों की सेवा करते हैं। आज जब वे वहां पहुंचे, तो यह दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। उनके अनुसार, यह किसी भी गौभक्त के लिए बेहद दुखद और पीड़ादायक है।
'धार्मिक भावनाओं को पहुंची ठेस'
सुनील यादव ने कहा कि गौशाला जैसी पवित्र जगह पर इस तरह का कृत्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, इसलिए उसके साथ जुड़ी हर व्यवस्था में संवेदनशीलता और सम्मान होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की