छत्तीसगढ़ वन विभाग ने अवैध खैर लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर स्थित एक गोदाम पर छापा मारा है। कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने दो ट्रक से अधिक मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की है। विभाग ने गोदाम को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद की गई खैर लकड़ी को हरियाणा भेजने की तैयारी थी। खैर की लकड़ी से मुख्य रूप से कत्था तैयार किया जाता है, जिसकी देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी मांग रहती है। इसी मांग का फायदा उठाकर अवैध कारोबार किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
वन विभाग की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई। संयुक्त अभियान में राज्य उड़नदस्ता के एसडीओ संदीप सिंह राजपूत के नेतृत्व वाली टीम, रायपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपक कुमार तिवारी और सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष सामंतराय राय सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। वन विभाग के अनुसार, करीब पांच साल पहले भी इसी मामले से जुड़े व्यक्ति के खिलाफ अवैध लकड़ी परिवहन का प्रकरण सामने आया था। उस समय एक ट्रक अवैध लकड़ी के साथ पकड़ा गया था। मामले में राजसात की कार्रवाई की गई थी और आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया था।वन्यजीव अपराधों से भी जुड़े रहे हैं आरोप
विभाग ने बताया कि संबंधित व्यक्ति का नाम पहले भी कुछ वन्यजीव अपराधों से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। इनमें तेंदुए की खाल के अवैध व्यापार से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। हालांकि, इन मामलों में आगे की कार्रवाई संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की गई है। वन विभाग अब जब्त की गई खैर लकड़ी के स्रोत, उसके परिवहन और इससे जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।