छत्तीसगढ़ में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ राज्य सरकार का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर खनिज संपदा के अवैध दोहन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों की चोरी, अवैध परिवहन या शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसी गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने 22 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। शिकायतों और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान खनिजों के अवैध परिवहन में लगे सात वाहनों को जब्त किया गया।
नियमों के उल्लंघन
जांच के दौरान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बरबसपुर क्षेत्र से निम्न श्रेणी के चूना पत्थर से लदे दो हाइवा पकड़े गए। वहीं सूरजपुर जिले के लटोरी क्षेत्र में रेत से भरा एक हाइवा और खड़गवां क्षेत्र में एक टिप्पर कार्रवाई की जा रही है। सरगुजा जिले के सकालो और अंबिकापुर इलाके में भी रेत परिवहन कर रहे तीन टिप्परों को रोककर जांच की गई और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर उन्हें जब्त कर लिया गया।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी वाहनों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत जब्त कर संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है। मामले की आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
डराने-धमकाने की कोशिश
इस दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में एक अलग मामला भी सामने आया। जांच कर रही टीम के साथ कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने, गाली-गलौच करने और धमकी देने की शिकायत दर्ज हुई। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास भी किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ थाना गांधीनगर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
खनिज विभाग बयान
खनिज विभाग का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वालों के साथ-साथ अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने या अधिकारियों को डराने-धमकाने की कोशिश करने वालों पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी और प्रवर्तन जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में संयुक्त जांच, निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।