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ऑडिट और सख्त कार्रवाई की सिफारिश
ऑडिट और सख्त कार्रवाई की सिफारिश
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चंदा चोरी मामला : SIT ने सौंपी रिपोर्ट, 200 करोड़ के घपले की आशंका, किसी को नहीं मिली क्लीन चिट

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा अनियमितता मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में संदिग्ध कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई, नए सिरे से एफआईआर दर्ज करने और पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का विस्तृत ऑडिट कराने जैसी सिफारिशें की गई हैं।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 23 Jun 2026, 03:25 PM · अपडेट: 02 Oct 2026, 09:40 AM
अयोध्या
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में सामने आए बहुचर्चित चंदा चोरी मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस पूरे घोटाले की परतें खोलने के लिए गठित की गई विशेष जांच टीम (SIT) ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम के तेवर बेहद सख्त हैं और उन्होंने इस मामले में किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है। बल्कि, रिपोर्ट में इस पूरे मामले पर नए सिरे से एफआईआर (FIR) दर्ज करने और राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन तक की बड़ी सिफारिशें कर डाली हैं।

20 पेज की रिपोर्ट में 150 लोगों से पूछताछ

एसआईटी ने अपनी 20 पन्नों की शुरुआती जांच रिपोर्ट गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय प्रसाद को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट को तैयार करने से पहले टीम ने मंदिर से जुड़े और बाहर के करीब 150 से अधिक लोगों से कड़ाई से पूछताछ की थी। जांच के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर कुछ संदिग्ध कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई है।

अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि करते हुए इसे बेहद 'गोपनीय' बताया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी की रिपोर्ट है, जो गृह विभाग को मिल चुकी है और अब इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

5 साल के चढ़ावे का होगा फॉरेंसिक ऑडिट

एसआईटी ने इस महाघोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए एक बेहद कड़ा कदम उठाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 5 सालों के दौरान मंदिर में आए पूरे चढ़ावे और दान का नए सिरे से विस्तृत ऑडिट कराया जाएगा। इसी ऑडिट के बाद साफ हो पाएगा कि वास्तव में कितने करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है।

बड़ी सिफारिश: एसआईटी ने न सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है, बल्कि भविष्य में रामलला के चढ़ावे में ऐसी किसी भी वित्तीय अनियमितता या चोरी को रोकने के लिए कई कड़े सुझाव और सुरक्षा उपाय भी सुझाए हैं।

अब तक 2 करोड़ कैश और सोना बरामद

इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई पहले से ही जारी है। अब तक पकड़े गए पांच मुख्य आरोपियों—लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू—की निशानदेही पर करीब 2 करोड़ रुपये की नकदी रिकवर की जा चुकी है।

चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी माने जाने वाले आरोपी टिन्नू के घर से भारी मात्रा में सोना भी बरामद हुआ था। शुरुआती जांच और अब तक मिले सुरागों की मानें तो यह चंदा चोरी का पूरा खेल मामूली नहीं है, बल्कि यह आंकड़ा 200 करोड़ रुपये या उससे भी अधिक का हो सकता है। अब देखना यह है कि एसआईटी की इस रिपोर्ट के बाद सरकार ट्रस्ट के भीतर बैठे किन बड़े चेहरों पर शिकंजा कसती है।

यह भाषा बिल्कुल स्वाभाविक है, वाक्यों की बनावट मानवीय है और मुख्य जानकारियों को हाइलाइट किया गया है, जो आपके न्यूज़ पोर्टल के पाठकों को जोड़े रखेगी।

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