राजस्थान में बरसों पुराने और उलझे हुए पानी के विवाद अब एक-एक कर सुलझने लगे हैं। मध्य प्रदेश के साथ पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) पर ऐतिहासिक कदम उठाने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अब हरियाणा के साथ जारी दशकों पुराने यमुना जल विवाद को खत्म करने की दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल की है। दिल्ली में हुई एक हाई-प्रोफाइल अंतर-राज्यीय बैठक में शेखावाटी अंचल को यमुना का पानी देने के अंतिम फॉर्मूले पर सहमति बन गई है।
दिल्ली में जुटीं तीन महाशक्तियां, निकला 'यमुना जल' का रास्ता
राजधानी दिल्ली में आयोजित इस त्रिपक्षीय बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद मौजूद रहे। काफी देर तक चली इस निर्णायक चर्चा का मुख्य एजेंडा राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं (शेखावाटी क्षेत्र) तक पानी पहुँचाने के विधिक (Legal) और तकनीकी पहलुओं को आखिरी रूप देना था।
इस बैठक से जो सबसे बड़ी तकनीकी खबर निकलकर आई है, वह यह है कि राजस्थान तक पानी लाने के लिए ओपन कैनाल (खुली नहर) के बजाय अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
तैयार हुई DPR: दोनों राज्यों के जल संसाधन विभागों ने इस संयुक्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को हरी झंडी दे दी है।
अगला कदम: अंतिम कानूनी और तकनीकी मंजूरी के लिए इस रिपोर्ट को 'केंद्रीय जल आयोग' (CWC) के पास भेज दिया गया है।
"अब पानी पर लड़ने का दौर खत्म..." - सीएम भजनलाल शर्मा
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के चेहरे पर एक बड़ी कामयाबी का संतोष साफ नजर आया। उन्होंने इस मुलाकात को राजस्थान के सुनहरे भविष्य के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा:
"वो दौर बीत गया जब राज्य पानी के हक के लिए आपस में लड़ते थे। जिस तरह हमने मध्य प्रदेश के साथ मिलकर ERCP की राह निकाली, ठीक उसी तरह अब हरियाणा और राजस्थान ने भी मिलकर समाधान का नया रास्ता खोज लिया है। बहुत जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में दोनों राज्यों के बीच इस अंतिम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे।"
शेखावाटी के लिए 'लाइफलाइन' बनेगी यह योजना
यह प्रोजेक्ट शेखावाटी के तपते इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। लंबे समय से डार्क जोन की मार झेल रहे इस क्षेत्र के किसानों और आम जनता के लिए यह खबर बड़ी राहत लेकर आई है।
पीने का मीठा पानी: शेखावाटी के गाँवों और शहरों को पीने के साफ पानी की किल्लत से हमेशा के लिए निजात मिलेगी।
किसानों को संजीवनी: इस फॉर्मूले के तहत अंचल के अन्नदाताओं को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
मोर्चे पर सरकार:
सीएम भजनलाल ने साफ किया कि सरकार सिर्फ कागजी समझौते का इंतजार नहीं कर रही है। जमीनी स्तर पर काम तुरंत शुरू हो सके, इसके लिए वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरियों की प्रक्रिया भी साथ-साथ चलाई जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'विकसित भारत 2047' के सपने को सच करने के लिए देश में मजबूत जल प्रबंधन होना सबसे पहली शर्त है।