सरगुजा जिले से तीन युवतियों के संदिग्ध परिस्थितियों में चेन्नई पहुंचने और वहां बंधक बनाए जाने की सूचना ने प्रशासन और पुलिस महकमे की चिंता बढ़ा दी है। मामला सीतापुर विधानसभा क्षेत्र का है, जहां की तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण और रोजगार दिलाने का भरोसा देकर घर से बाहर ले जाया गया था। अब युवतियों ने खुद फोन कर मदद की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, युवतियों को पहले सीतापुर क्षेत्र से जशपुर ले जाया गया, जहां उन्हें कुछ दिनों तक रखा गया। इसके बाद उन्हें चेन्नई भेज दिया गया। परिजनों को बताया गया था कि वहां सिलाई प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि अब सामने आई जानकारी ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है।
पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग
नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर सवाल
फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने और युवतियों के सुरक्षित वापस आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला मानव तस्करी, अवैध बंधक बनाकर रखने या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़ा है या नहीं।
इस घटना ने एक बार फिर रोजगार और प्रशिक्षण के नाम पर युवाओं, खासकर आदिवासी और ग्रामीण इलाकों की युवतियों को दूसरे राज्यों में ले जाने वाले नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें पुलिस की कार्रवाई और युवतियों की सुरक्षित वापसी पर टिकी हैं।