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मिली 120 साल पुरानी ओड़िया पांडुलिपियां
मिली 120 साल पुरानी ओड़िया पांडुलिपियां
रायपुर

ऐतिहासिक खोज : 120 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियां हुईं संरक्षित करने की प्रक्रिया में शामिल

रायपुर में ज्ञानभारतम् मिशन के तहत चलाए जा रहे विरासत संरक्षण अभियान के दौरान ओड़िया भाषा की 120 साल पुरानी 11 दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां मिली हैं, जो रायपुर निवासी कमल वैद्य के पास सुरक्षित थीं। इन पांडुलिपियों को संरक्षित करने और ज्ञानभारतम् पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
19 Jun 2026, 11:59 AM
रायपुर

रायपुर में ज्ञानभारतम् मिशन के तहत चलाए जा रहे विरासत संरक्षण अभियान के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। ओड़िया भाषा की लगभग 120 वर्ष पुरानी 11 दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां मिली हैं। ये सभी पांडुलिपियां रायपुर निवासी कमल वैद्य के पास सुरक्षित रूप से संरक्षित थीं। 

इनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत को देखते हुए अब इनके संरक्षण और आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में पुरानी पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को खोजकर सुरक्षित रखने का कार्य लगातार जारी है।

इस अभियान के तहत मिली सभी सामग्री को अब ज्ञानभारतम् पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है, ताकि इन्हें डिजिटल रूप से संरक्षित कर भविष्य की पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया जा सके। 

कलेक्टर ने किया अवलोकन, संरक्षण को बताया जिम्मेदारी

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्वयं कमल वैद्य के कार्यालय पहुंचकर इन दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी पांडुलिपियां और ताम्रपत्र हमारी संस्कृति, इतिहास और ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें सुरक्षित रखना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। इस सराहनीय योगदान के लिए उन्होंने कमल वैद्य को शॉल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया।प्रशासन का मानना है कि यह कदम सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है।

जिला प्रशासन के अनुसार यह अभियान प्राचीन ज्ञान-संपदा को संरक्षित करने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम प्रयास है। इस अवसर पर नगर निगम उपायुक्त अंजलि शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अभियान के माध्यम से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को डिजिटल और सुरक्षित स्वरूप देने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

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