भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक और सांस्कृतिक रिश्तों का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से सेशेल्स की अपनी महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि पीएम मोदी वहां देश के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में 'गेस्ट ऑफ ऑनर' (सम्मानित अतिथि) के रूप में शिरकत करेंगे।
यह निमंत्रण दोनों देशों के बीच के गहरे जुड़ाव और भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के विशेष आमंत्रण पर हो रही है। विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस दौरे के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं के बीच एक बेहद अहम बैठक होगी, जिसमें भारत और सेशेल्स के बीच जारी सहयोग के सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही, दोनों नेता आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी साझा दृष्टिकोण तैयार करेंगे।
सभी के लिए सुरक्षा और विकास
अपने इस व्यस्त कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली (संसद) को भी संबोधित करेंगे और वहां रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों से रूबरू होंगे। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि भारत और सेशेल्स की साझेदारी सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक है। हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स भारत का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी है। यही वजह है कि नई दिल्ली के 'विजन महासागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) और 'ग्लोबल साउथ' के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में सेशेल्स एक केंद्रीय भूमिका निभाता है।
मदद का दिया भरोसा
माना जा रहा है कि इस दौरे से दोनों देशों की पुरानी दोस्ती और मजबूत होगी। दरअसल, पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संपर्कों में काफी तेजी आई है। इसी साल अप्रैल में मॉरीशस में आयोजित 9वें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सेशेल्स के अपने समकक्ष बैरी फॉरे से मुलाकात की थी। उस दौरान जयशंकर ने आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे सेशेल्स को नई दिल्ली की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया था।
डिजिटल बदलाव पर बनी सहमति
भारत ने वहां के लिए एक स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज को लागू करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं, जिसकी सराहना खुद सेशेल्स ने की है। इससे पहले, इसी साल फरवरी में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी भी छह दिवसीय भारत यात्रा पर आए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में दोनों देशों ने 'डिजिटल बदलाव' को लेकर एक बड़ी सहमति बनाई थी। भारत, सेशेल्स की जरूरतों के मुताबिक वहां डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) तैयार करने में मदद कर रहा है, जिससे वहां की शासन व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा सके और डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा मिले।
यात्रा होगी बेहद गतिशील
भारत ने साफ किया है कि वह सस्टेनेबिलिटी, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण और समावेशी विकास जैसे मोर्चों पर सेशेल्स के राष्ट्रीय विकास एजेंडे में एक भरोसेमंद साथी की भूमिका निभाता रहेगा। सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित राठीश ने इस यात्रा को बेहद 'गतिशील और बेहतरीन' मोड़ देने वाली बताया है। उन्होंने संकेत दिए कि पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़कर अब दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबरस्पेस, साइबर सुरक्षा, समुद्री विज्ञान और 'ब्लू इकोनॉमी' जैसे भविष्य के नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
उच्चायुक्त के अनुसार, प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे। बीते अक्टूबर में भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सेशेल्स यात्रा और फिर फरवरी में राष्ट्रपति हर्मिनी के भारत दौरे ने दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को जो गर्माहट दी थी, उसे पीएम मोदी की यह यात्रा एक नए मुकाम पर ले जाने का काम करेगी।
