छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने जशपुर दौरे के दौरान बगीचा विकासखंड के ग्राम डोंडराही में एक बड़ा फैसला लिया है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के मौके पर सीएम ने गांव में उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि अब इस पूरे परिसर और स्थल को "बिरसा मुंडा चौक" के नाम से पहचाना जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जल, जंगल, जमीन और आदिवासी समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनका बलिदान हमेशा देश को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार के उस फैसले की भी तारीफ की, जिसके तहत बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है।
ग्रामीण विकास और संस्कृति को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को मजबूती देने के लिए कुल 37 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इस बजट को अलग-अलग क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए बांटा गया है। इसके तहत बैगाटोली कर्मा में एक सामुदायिक भवन बनाने के लिए 15 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच के लिए 8 लाख रुपये, कुदमुरा पतराटोली (डिबा टोली) में सांस्कृतिक मंच के लिए 7 लाख रुपये और हनुमान मंदिर परिसर (केशव घर के पास) में एक नए मंच के निर्माण के लिए 7 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
आदिवासियों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता
किसानों को मिल रहा ₹3,100 धान का दाम
अपनी सरकार के कामकाज का हिसाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के महज 24 घंटे के भीतर ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 10 लाख 60 हजार से अधिक घरों का निर्माण पूरा भी हो चुका है। उन्होंने किसानों के मुद्दे पर बात करते हुए बताया कि राज्य में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है और किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान मिल रहा है। इसके साथ ही दो साल का बकाया बोनस भी किसानों के खातों में भेजा जा चुका है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है और चरण पादुका योजना समेत रामलला दर्शन जैसी योजनाएं दोबारा चालू कर दी गई हैं।