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रोजगार सहायक के खिलाफ शिकायत सौंपते हुए
रोजगार सहायक के खिलाफ शिकायत सौंपते हुए
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भ्रष्टाचार : गढ़फुलझर पंचायत में रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने हटाने की उठाई मांग

बसना विकासखंड की ग्राम पंचायत गढ़फुलझर में रोजगार सहायक पर प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ दिलाने के नाम पर पैसे लेने, पंचायत कार्यों में लापरवाही, बैठकों से अनुपस्थित रहने और ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। सरपंच, उपसरपंच, 15 पंचों और ग्रामीणों ने जनपद पंचायत CEO को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और सेवा से हटाने की मांग की है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 02 Jul 2026, 09:13 AM · अपडेट: 19 Oct 2026, 02:14 AM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
सरकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला बसना विकासखंड की ग्राम पंचायत गढ़फुलझर से सामने आया है। यहां रोजगार सहायक पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से पैसे लेने, पंचायत प्रतिनिधियों एवं हितग्राहियों के साथ अभद्र व्यवहार करने, पंचायत बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने, ग्राम पंचायत मुख्यालय में निवास नहीं करने तथा शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मामले को लेकर सरपंच, उपसरपंच सहित15 पंचों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बसना को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर तत्काल सेवा से पृथक करने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि ग्राम पंचायत गढ़फुलझर की रोजगार सहायक सुभाषिनी बरिहा का विवाह लगभग 10 वर्ष पूर्व पिथौरा विकासखंड के ग्राम डोंगरीपाली में हुआ था। आरोप है कि वे अधिकांश समय अपने ससुराल में रहती हैं और पंचायत मुख्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहतीं।

बैठकों से अनुपस्थिति और अभद्र व्यवहार का आरोप

इससे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित पंचायत के अन्य विकास एवं हितग्राही मूलक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को जॉब कार्ड, रोजगार उपलब्ध कराने तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन समय पर उनका काम नहीं हो पाता। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सहायक पंचायत की सामान्य एवं विशेष बैठकों में भी लगातार अनुपस्थित रहती हैं। कई बार सूचना देने के बावजूद बैठकों में शामिल नहीं होने से पंचायत के निर्णयों के क्रियान्वयन और विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि किसी भी कार्य या योजना की जानकारी लेने अथवा शिकायत करने पर रोजगार सहायक पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अभद्र भाषा में बात करती हैं, जिससे लोगों में असंतोष का माहौल है।

PM आवास योजना में पैसे लेने के आरोप

शिकायत पत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर नरेश साहू से 5 हजार रुपए, केशव पांडे से 500 रुपए, जेमा पांडे से 500 रुपए तथा सुजाता साव से 300 रुपए लिए गए। वहीं जयदेव भोई से 2 हजार रुपए की मांग की गई। आरोप है कि राशि नहीं देने पर उसका सर्वे और फोटो नहीं लिया गया, जिसके कारण उसे योजना से वंचित कर दिया गया। 
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि रोजगार सहायक ने अपने दो सगे भाइयों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल करा दिया, जबकि दोनों के पास पहले से पक्के मकान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो अन्य अनियमितताओं का भी खुलासा हो सकता है।

तत्काल जांच और कार्रवाई करने की मांग

ग्राम पंचायत की सरपंच हरप्रीत कौर, उपसरपंच द्वारका पांडे, पंच संतपाल, अजित दुष्यंत कुमार, सुदेष्टा पांडे, तुलसी पांडे सहित 15 पंचों एवं ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीयूष सिह ठाकुर से मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि शासन की योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने तथा ग्रामीणों का विश्वास कायम रखने के लिए दोषी पाए जाने पर रोजगार सहायक को सेवा से पृथक किया जाना आवश्यक है। शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो वे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित उच्च अधिकारियों से करेंगे। 
मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीयूष सिंह ठाकुर ने कहा कि ग्राम पंचायत गढ़फुलझर की रोजगार सहायक के विरुद्ध लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में कुछ आरोप मनरेगा से संबंधित हैं। वर्तमान में कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल समाप्त होने और कर्मचारियों के कार्य पर लौटने के बाद जांच दल गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 
वहीं, मामले में रोजगार सहायक सुभाषिनी बरिहा का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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