सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और फ्री कुकर देने का झांसा देकर ग्राम पिरदा की 138 महिलाओं के नाम पर फर्जी ऋण निकालकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
बसना पुलिस ने इंडसलैंड बैंक के बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) लक्ष्मीचंद देवांगन और मनोहर जटवार को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस पूरे खेल का एजेंट सुदर्शन साहू पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।
फ्री कुकर से शुरू हुआ मामला
मामले की शुरुआत तब हुई, जब ग्राम पिरदा निवासी रजनी देवांगन ने बसना थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सरकारी योजना का लाभ दिलाने और फ्री कुकर उपलब्ध कराने का भरोसा देकर महिलाओं से आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लिए गए। बायोमेट्रिक सत्यापन के नाम पर सिस्टम एरर का बहाना बनाकर एक ही महिला के कई-कई बार फिंगरप्रिंट लिए गए।
बिना जानकारी निकाल लिया ऋण
कुछ समय बाद जब भारत फाइनेंस के कर्मचारियों ने महिलाओं से ऋण की किश्त जमा करने की मांग की, तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि महिलाओं की जानकारी-सहमति के बिना उनके नाम पर 50,450 रुपए से लेकर 58 हजार तक के ऋण स्वीकृत कर राशि निकाल ली गई थी।138 महिलाओं के साथ धोखाधड़ी की पुष्टि
पुलिस ने बैंक दस्तावेजों, तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि बैंक आईडी और बायोमेट्रिक प्रणाली का दुरुपयोग कर यह पूरा फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। विवेचना में अब तक ग्राम पिरदा की 138 महिलाओं के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी की पुष्टि हो चुकी है।
आरोपी से पूछताछ जारी
1 जुलाई 2026 को बसना पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को हिरासत में लेकर सघन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। बसना पुलिस अब इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य बैंक कर्मचारियों और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।