छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर सियासी हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाओं के बीच अब पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel का बड़ा बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि किसे प्रदेश अध्यक्ष बनाना है, यह पूरी तरह हाईकमान का फैसला है और वही इस पर अंतिम निर्णय लेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि वर्तमान अध्यक्ष Deepak Baij पिछले करीब तीन से साढ़े तीन वर्षों से संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और पूरी पार्टी उनके नेतृत्व में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी में किसे नेता प्रतिपक्ष बनाना है, किसे प्रदेश अध्यक्ष बनाना है और किसे कौन-सी जिम्मेदारी देनी है, यह सब कांग्रेस हाईकमान तय करता है। बघेल ने यह भी कहा कि वे इन मामलों में अपनी ओर से कोई राय या दबाव नहीं बनाते और संगठन के निर्णय को सर्वोपरि मानते हैं।
टीएस सिंहदेव के बयान से शुरू हुई चर्चा
दरअसल, हाल ही में पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo ने एक बयान दिया था, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति गर्मा गई। सिंहदेव ने कहा था कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपती है, तो वे उसे निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और छत्तीसगढ़ के लिए काम करते रहेंगे। उनके इस बयान को कांग्रेस संगठन में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखा जाने लगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस संगठन में नए समीकरण बनने लगे हैं और इसी वजह से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं।दीपक बैज ने युवाओं को मौका देने की कही बात
टीएस सिंहदेव के बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि “बाबा साहब बड़े नेता हैं और उन्हें दिल्ली में जाकर काम करना चाहिए। प्रदेश में युवाओं को आगे बढ़ने और नेतृत्व संभालने का अवसर मिलना चाहिए।” बैज के इस बयान को कांग्रेस के भीतर पीढ़ीगत नेतृत्व परिवर्तन की बहस से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के कुछ नेता युवा चेहरे को संगठन की कमान देने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ वरिष्ठ नेतृत्व के अनुभव को प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं।
इसके बाद टीएस सिंहदेव ने भी इशारों में अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा था कि हर कांग्रेसी की पहली जिम्मेदारी अपने संगठन और क्षेत्र को मजबूत करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जब बड़े नेताओं की चर्चा होती है तो यह भी देखा जाना चाहिए कि कौन चुनाव जीतकर आया और कौन हार गया। सिंहदेव ने कहा कि वे लगातार प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं और लोगों से मुलाकात कर रहे हैं तथा पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान को संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा के रूप में देखा जा रहा है।
