कबीरधाम जिले का सुदूर वनांचल ग्राम बेंदा, जो कभी नक्सल गतिविधियों की छाया में रहा करता था, अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। यहां अब पुलिस और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग की मजबूत नींव दिखाई दे रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने ग्राम बेंदा पहुंचकर महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं, जरूरतें और सुझाव ध्यानपूर्वक सुने और उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया। इस दौरान पुलिस व्यवस्था, सुरक्षा उपायों और सामुदायिक पुलिसिंग की जानकारी भी साझा की गई।
बच्चों के साथ संवाद बना आकर्षण का केंद्र
दौरे का सबसे खास पल बच्चों के साथ हुआ संवाद रहा। एसपी ने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया और अनुशासन व नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर उज्ज्वल भविष्य बनाने का संदेश दिया और बच्चों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक जानकारी को तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच मजबूत विश्वास ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सामुदायिक सहभागिता को कानून-व्यवस्था की रीढ़ बताया।नक्सल प्रभावित क्षेत्र से विकास की ओर बढ़ता बेंदा
एसपी ने यह भी उल्लेख किया कि कभी नक्सल प्रभावित रहा यह क्षेत्र अब पूरी तरह बदल चुका है। शासन, सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से कबीरधाम जिला आज नक्सल मुक्त स्थिति की ओर अग्रसर है और विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहा है। ग्राम बेंदा में एसपी की यह मौजूदगी केवल एक प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि पुलिस अब सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि गांव-गांव तक भरोसा, सुरक्षा और विकास की साझेदार बनकर पहुंच रही है।
